भीलवाड़ा। जनपद के कोदिया गांव में गुरुवार शाम प्रकृति और नियति की दोहरी मार एक किसान परिवार पर उस वक्त पड़ी, जब कटाई के लिए पूरी तरह तैयार खड़ी आठ बीघा गेहूं की सुनहरी फसल भीषण आग की लपटों में विलीन हो गई। अज्ञात कारणों से भड़की इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे संपूर्ण परिक्षेत्र में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल व्याप्त हो गया।

घटनाक्रम के अनुसार, कोदिया गांव स्थित एक होटल संचालक के खेत में गुरुवार की ढलती शाम अचानक आग की चिंगारियां उठीं। शुष्क मौसम और तैयार फसल के कारण आग ने चंद मिनटों में ही रौद्र रूप अख्तियार कर लिया और लगभग आठ बीघा में फैली गेहूं की फसल को अपनी आगोश में ले लिया। धुएं के गुबार और उठती लपटों को देख ग्रामीण बदहवास होकर घटना स्थल की ओर दौड़े।

सूचना मिलते ही कोटड़ी थाना प्रभारी महावीर प्रसाद मीणा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और तुरंत दमकल विभाग को सूचित किया। दमकल की गाड़ियों के पहुँचने से पूर्व ही पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों ने स्थानीय संसाधनों की सहायता से आग पर नियंत्रण पाने का अथक प्रयास शुरू कर दिया था। दमकलकर्मियों और ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता एवं कड़ी मशक्कत के पश्चात अंततः आग पर काबू पाया जा सका, जिससे निकटवर्ती अन्य खेतों में खड़ी फसलों को इस विनाशकारी अग्निकांड की चपेट में आने से समय रहते बचा लिया गया।

फिलहाल, कोटड़ी थाना पुलिस इस अग्निकांड के वास्तविक कारणों की गहनता से जांच कर रही है। राजस्व विभाग के सहयोग से हुए नुकसान का सटीक आकलन किया जा रहा है, ताकि पीड़ित पक्ष को उचित राहत मिल सके। फसल के इस प्रकार खाक हो जाने से किसान परिवार को गहरा आर्थिक आघात पहुँचा है, जिसने पूरे गांव को शोक संतप्त कर दिया है।

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