श्री बाबाधाम में गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे, त्रिवेणी संगम से पहुंची कावड़ यात्रा
भीलवाड़ा के श्री बाबाधाम में सावन के दूसरे सोमवार को त्रिवेणी संगम से कावड़ यात्रा पहुंची। श्रद्धालुओं ने पवित्र जल से ऋण मुक्तेश्वर महादेव का अभिषेक किया और सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा सहित विभिन्न मनोकामनाएं मांगीं।

तस्वीर में श्रद्धालु भीलवाड़ा के श्री बाबाधाम मंदिर में पवित्र कलश से भगवान शिव का जलाभिषेक करते हुए नजर आ रहे हैं।
भीलवाड़ा। श्री बाबाधाम के अध्यक्ष विनीत अग्रवाल के सानिध्य में सावन महोत्सव के तहत सावन के दूसरे सोमवार को त्रिवेणी संगम से कावड़ यात्रा का आयोजन किया गया। त्रिवेणी संगम से पवित्र जल लेकर बड़ी संख्या में श्रद्धालु हर-हर भोले, हर-हर शंभू, हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों के साथ श्री बाबाधाम पहुंचे और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
कावड़ यात्रा के लिए रविवार को श्री बाबाधाम से मुख्य रूप से कावड़िए जसराज, शिव, रतन साहु, राम-लखन, करण सिंह, पवन पारीक, देवी सिंह सहित अन्य कावड़ियों ने शिव भोले परिवार का आशीर्वाद लिया और त्रिवेणी संगम के लिए रवाना हुए। श्रद्धालु पैदल ही त्रिवेणी पहुंचे। वहां से पवित्र कावड़ में जल लेकर श्रद्धालुओं का जत्था जयकारों के साथ श्री बाबाधाम के लिए रवाना हुआ। त्रिवेणी संगम से श्री बाबाधाम तक कावड़ यात्रा के दौरान जगह-जगह कावड़ियों पर पुष्पवर्षा की गई।
श्री बाबाधाम पहुंचने के बाद कावड़ियों और श्रद्धालुओं ने पूर्ण विधि-विधान के साथ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और सुख-समृद्धि एवं परिवार की खुशहाली की कामना की। त्रिवेणी से आए कावड़ यात्री और श्रद्धालु आकर्षण का केंद्र रहे। शिव भक्तों के जनसैलाब से पूरा शहर शिवमय नजर आया। विनीत अग्रवाल के सानिध्य में पैदल कावड़ यात्रा संपन्न हुई। शिव आरती के बाद श्रद्धालुओं और कावड़ियों के लिए प्रसादी की व्यवस्था भी की गई।
सावन के दूसरे सोमवार को श्री बाबाधाम पर स्थापित ऋण मुक्तेश्वर महादेव का विशेष श्रृंगार किया गया। सुबह से ही मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय जाप किया गया। शिव भक्तों ने जलाभिषेक और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और अच्छी वर्षा के लिए मनोकामना की। साथ ही गौमाता को राष्ट्र माता का दर्जा मिलने, देश में अमन-चैन बने रहने, देश के विकास और देश के हरित क्रांति की ओर अग्रसर होने की कामना की गई।
कावड़ यात्रा में गौभक्त राम-लखन भी शामिल रहे। दोनों भक्त 24 घंटे, 365 दिन हर समय गौमाता के लिए समर्पित रहते हैं। कहीं से गौमाता को कोई कष्ट, परेशानी या अन्य जरूरत होने पर वे तैयार रहते हैं और निःस्वार्थ भाव से गौसेवा करते हैं। इनके इस सेवा भाव के लिए विनीत अग्रवाल ने माताजी की चुनरी और बाबा का फल प्रसाद देकर सम्मान किया।
श्री बाबाधाम मंदिर पर ऋण मुक्तेश्वर गौरी शंकर महादेव का विशेष श्रृंगार किया जा रहा है। मंदिर में स्थापित गौरीशंकर शिवलिंग की महिमा बताते हुए कहा गया कि यहां गौरीशंकर का शिवलिंग एक साथ है, जो भारत में पहला शिवलिंग है। इसमें माता गौरी लाल रंग में तथा शिवजी हरे रंग में एक ही शिवलिंग में विद्यमान हैं। ऐसा शिवलिंग भारत में नहीं है। यह शिवलिंग हरिद्वार के ब्रम्हकुण्ड से श्री बाबा को प्राप्त हुआ था। यह चमत्कारिक एकमात्र गौरीशंकर शिवलिंग श्री बाबाधाम पर 17 अप्रैल 2008 को स्थापित हुआ।
इस शिवलिंग पर प्रत्येक गुरुवार को भक्तों द्वारा चने की दाल चढ़ाई जाती है, जिससे पितृऋण, मातृऋण, सखाऋण और नकदऋण से मुक्ति मिलती है। चने की दाल मंदिर की तरफ से निःशुल्क उपलब्ध रहती है। सावन मास में श्री बाबाधाम पर बम-बम भोले के जयकारे लगातार गूंज रहे हैं।
श्री बाबाधाम पर शिव दरबार को विशेष आकर्षक, रंग-बिरंगी, झिलमिल और मनमोहक लाइटिंग तथा फल-फूलों से सजाया गया है। श्री बाबाधाम मंदिर में हर-हर महादेव और ऊं नमः शिवाय के जयघोष के बीच जलाभिषेक, हवन और पूजा प्रतिदिन हो रही है। श्री बाबाधाम के पंडित पं. गौतम गोविन्द और अन्य पंडितों द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ अभिषेक एवं हवन-पूजा की जा रही है।
भगवान शिव का बिल्व पत्र, आक के फूल, धतूरा, जल, दूध, पंचामृत और गन्ने के रस आदि से अभिषेक किया जाता है। सावन मास में प्रतिदिन शिवलिंग का नित नया श्रृंगार किया जा रहा है। हजारों भक्त ऋण मुक्तेश्वर गौरीशंकर महादेव के अभिषेक, हवन-पूजन के साथ ऊं नमः शिवाय और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच अपनी मनोकामना मांग रहे हैं। सभी धर्मप्रेमियों को श्री बाबाधाम पधारकर धर्म का लाभ लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।

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