भीलवाड़ा कमला देवी हत्याकांड: चौथे आरोपी कालू तापड़िया की गिरफ्तारी, शव जलाने और साक्ष्य मिटाने के बड़े खुलासे
भीलवाड़ा में वृद्ध महिला की हत्या के बाद शव जलाने और राख नदी में फेंकने की साजिश का पर्दाफाश, पुलिस रिमांड पर आरोपी।

भीलवाड़ा के कमला देवी हत्याकांड में सबूत मिटाने के आरोपी कालू तापड़िया को ले जाती पुलिस।
भीलवाड़ा में 72 वर्षीय कमला देवी कांकरिया की हत्या के बाद शव जलाकर सबूत मिटाने की साजिश में चौथे आरोपी रघुवीर उर्फ कालू तापडिय़ा की गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस पूछताछ में कालू ने बताया कि हत्या के अगले दिन उसके अंकल रवि तापडिय़ा ने फोन कर उसे बुलाया था। फोन पर रवि ने कहा था, "जल्दी आजा, मुझसे बॉडी उठ नहीं रही है, इसे जलाना है।"
पुलिस के अनुसार, रवि के फोन के बाद कालू अपने साथी चूचा के साथ वारदात वाले मकान पर पहुंचा था। कालू ने पूछताछ में दावा किया कि उसे इस काम के लिए किसी तरह का लालच नहीं दिया गया था, बल्कि चाचा-भतीजे का रिश्ता निभाने के लिए वह वहां पहुंचा था। इसके बाद कृषि मंडी से लकड़ियां लाकर शव को जलाने की तैयारी की गई।
पूछताछ में सामने आया कि देर रात कमला देवी के शव को मकान की छत पर ले जाया गया, जहां लकड़ियों से उसे जला दिया गया। अगले दिन सुबह राख और हड्डियां एकत्रित कर कोठारी नदी में फेंक दी गईं। पुलिस ने अब लकड़ी खरीदने के स्थान, शव जलाने वाली छत और नदी में अवशेष फेंकने के स्थान की मौका तस्दीक कराई है।
रवि तापडिय़ा की गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही कालू ने भीलवाड़ा छोड़ दिया था। उसके मुताबिक, वह बस से जयपुर पहुंचा और वहां से टोंक तथा शाहपुरा होते हुए अमरगढ़ के जंगल में जाकर छिप गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह दिनभर जंगल की पहाड़ी पर बैठकर आने-जाने वाले रास्तों पर नजर रखता था, ताकि पुलिस की गतिविधियों की भनक लग सके। रात में वह भैंरूनाथ मंदिर में ठहरता था।
पुलिस के मुताबिक, फरारी के दौरान कालू बिना सिम कार्ड वाले मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा था। उसने एक अन्य व्यक्ति के मोबाइल इंटरनेट से अपना फोन कनेक्ट किया और इंस्टाग्राम के जरिए अमरगढ़ क्षेत्र के किसी होटल में एक व्यक्ति को कॉल किया। पुलिस उसकी तलाश में पहले से अलर्ट थी। इस गतिविधि का सुराग मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और उसे जंगल से गिरफ्तार कर लिया।
12 अक्टूबर की रात हुई थी कमला देवी की हत्या
पुलिस के अनुसार, 12 अक्टूबर की रात रवि तापडिय़ा कमला देवी को सुभाषनगर थाना क्षेत्र स्थित एक मकान पर लेकर गया था। वहां उनसे रुपयों की मांग की गई थी। बताया गया कि रवि के दोस्त हीरा सिंधी को कर्ज चुकाने के लिए पैसों की जरूरत थी। कमला देवी ने रुपये देने से इनकार किया तो कथित तौर पर उनके हाथ-पैर बांध दिए गए। इसके बाद उनके गहने लूटे गए और तकिये से गला दबाकर उनकी हत्या कर दी गई।
इस हत्याकांड में रवि तापडिय़ा, हीरा सिंधी और चूचा को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अब चौथे आरोपी रघुवीर उर्फ कालू तापडिय़ा को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उसे 10 नवंबर तक रिमांड पर लिया है।
कमला देवी की हत्या के बाद शव को जलाने और राख व हड्डियां नदी में फेंककर साक्ष्य मिटाने की पूरी प्रक्रिया में आरोपियों की भूमिका अब पुलिस जांच के केंद्र में है। सबसे अहम सवाल यही है कि 72 वर्षीय महिला की हत्या के बाद सबूत नष्ट करने की साजिश में कौन-कौन शामिल था। पुलिस की आगे की पूछताछ और जांच में इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं के सामने आने की उम्मीद है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
