जन अधिकार समिति ने जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, दोषियों पर कार्यवाही और पुनर्वास की मांग की।


भीलवाड़ा - माण्डल में रंगास्वामी घुमन्तु बस्ती का मामला

माण्डल स्टेशन नगर के सामने सल्जर फैक्ट्री के पास स्थित रंगास्वामी घुमन्तु बस्ती के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पिछले 50 वर्षों से यहाँ निवास कर रहे और खेती के जरिए अपना पेट पाल रहे करीब 50 परिवारों को बेदखल करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। जन अधिकार समिति, भीलवाड़ा ने इस मामले में गहरा रोष व्यक्त करते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।

प्रशासनिक कार्यवाही और फसल का नुकसान

समिति के जिला संयोजक जगदीश दास रंगास्वामी ने बताया कि:

  • "स्थानीय महात्मा गांधी विद्यालय द्वारा इन परिवारों को नोटिस दिए गए और प्रशासन की मदद से उनकी सिंचित खड़ी फसल को बेरहमी से बर्बाद कर दिया गया।"
  • ये परिवार पिछले 45-50 वर्षों से इसी जमीन पर खेती कर अपना गुजारा कर रहे थे।
  • फसल उजाड़े जाने से इन गरीब परिवारों के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

बस्ती के निवासियों में भारी भय व्याप्त है। फसल उजाड़ने के बाद अब इन 50 परिवारों के आशियानों को भी जमींदोज करने की धमकी दी जा रही है।

नियमों का उल्लंघन और मानवाधिकार

जन अधिकार समिति का कहना है कि राज्य सरकार की नीति के अनुसार, किसी भी घुमन्तु परिवार को तब तक विस्थापित नहीं किया जा सकता जब तक कि उनके लिए वैकल्पिक आवास या पुनर्वास की व्यवस्था न कर दी जाए। विद्यालय प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों की यह कार्यवाही सीधे तौर पर मानवाधिकारों और सरकारी नियमों का उल्लंघन है।

ज्ञापन में प्रमुख मांगे

  1. बस्ती के ध्वस्तीकरण पर तुरंत रोक लगाने।
  2. गरीब परिवारों की खड़ी फसल उजाड़ने वाले दोषियों की जांच कर सख्त कार्यवाही करने।
  3. इन परिवारों को राज्य सरकार की योजनांतर्गत पट्टे आवंटित कर स्थायी रूप से बसाया जाने की मांग की गई।

समिति ने चेतावनी दी है कि यदि इन निर्दाेष परिवारों को न्याय नहीं मिला और विस्थापन की कार्यवाही नहीं रोकी गई, तो संगठन आंदोलन के लिए मजबूर होगा।

उपस्थित सदस्य एवं प्रदर्शनकारी

इस दौरान संयोजक अजमेर संभाग राजकुमार मालावत, जन अधिकार कार्यसमिति भागचंद झाझावत, भंवरनाथ, गोपी दास, राहुल दास, धर्म दास, भंवर कंजर, रघुवीर सांसी, भैरू दास, कालू दास, विक्रम दास, सत्तु दास, मदन दास, रतन दास, राजू दास, सीता बाई सांसी, सीता बाई, गीता बाई, जमना बाई, मंजू बाई, डगली बाई आदि उपस्थित रहे।

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