भीलवाड़ा: श्री संभवनाथ जैन मंदिर का 16वां वार्षिक ध्वजा एवं वर्षगांठ महोत्सव हर्षोल्लास से संपन्न
भीलवाड़ा के बापूनगर में श्री संभवनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर का 16वां वार्षिक ध्वजा एवं वर्षगांठ महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ। वरघोड़े और विशेष पूजा-अर्चना के साथ गुंजायमान हुए मंदिर में भक्तजन आस्था में डूबे नजर आए।

भीलवाड़ा के बापूनगर स्थित श्री संभवनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर में 16वें वार्षिक ध्वजा महोत्सव के दौरान आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में उपस्थित श्रद्धालु।
भीलवाड़ा के बापूनगर स्थित श्री संभवनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर में शुक्रवार का दिन भक्ति और आस्था के अद्भुत संगम का साक्षी बना। मंदिर के 16वें वार्षिक ध्वजा एवं वर्षगांठ महोत्सव के अवसर पर पूरा वातावरण तीर्थंकरों के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। यह भव्य धार्मिक आयोजन मेवाड़ देशोद्धारक आचार्य श्रीजितेन्द्र सूरिश्वरजी म.सा. के शिष्यरत्न आचार्य श्री निपूणरत्न विजय सूरिश्वरजी म.सा. एवं पूज्य राजरत्न विजयजी म.सा. के पावन आशीर्वाद और प्रेरणा से संपन्न हुआ।
महोत्सव का शुभारंभ प्रातः काल एक भव्य वरघोड़े के साथ हुआ। गाजे-बाजे के साथ निकले इस वरघोड़े ने जब मुख्य मार्गों से प्रस्थान किया, तो प्रभु की भक्ति में सराबोर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। वरघोड़े का आरंभ कायमी ध्वजा के लाभार्थी प्रभादेवी, मनीष-ममता बापना परिवार के निवास से हुआ, जो श्रद्धापूर्ण वातावरण में मंदिर तक पहुंचा। मंदिर परिसर में पहुंचते ही विधि-विधान के साथ अनुष्ठानों का क्रम शुरू हुआ। सुबह 8.15 बजे अनिल बालर, सतीश सेठ, अभिषेक नाहर एवं नयन सेठ द्वारा तीर्थंकर परमात्मा की स्नात्र पूजा एवं सत्रह भेदी पूजा संपन्न कराई गई।
महोत्सव का मुख्य आकर्षण सुबह 10.15 बजे का वह शुभ मुहूर्त रहा, जब तीर्थंकर विमलनाथ भगवान, तीर्थंकर संभवनाथ भगवान एवं नाकोड़ा भैरव देव के जयकारों के बीच मंदिर के शिखर पर कायमी ध्वजा फहराई गई। ध्वजारोहण का यह सौभाग्य बापना परिवार को प्राप्त हुआ। इस दौरान मंदिर समिति के कुलदीप गुगलिया ने पिछले एक वर्ष में मंदिर कार्यकारिणी द्वारा किए गए विकास कार्यों और परिसर में चल रहे सुधार कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। श्रद्धालुओं ने मंदिर की सेवा गतिविधियों की मुक्त कंठ से सराहना की।
इस आध्यात्मिक आयोजन में विभिन्न पूजाओं का लाभ लेने वाले भक्तों में विमलादेवी ऋषभ महात्मा, मनीषकुमार अभिमन्यु बोलिया, यशकुमार कोठारी, उर्मिलादेवी सतीशकुमार चौधरी, राजमल अमित कुमार पलक्ष कुमार सिंदुरिया, चंदना बलवंत मेहता, विमलभाई नागोत्रा और उर्मिलादेवी पंकज लोढ़ा परिवार सम्मिलित रहे। मंदिर समिति के अध्यक्ष मनीष बापना और मंत्री दिनेश गोलेछा सहित अन्य पदाधिकारियों ने सभी लाभार्थी परिवारों का बहुमान किया। महोत्सव के समापन पर लाभार्थी परिवार द्वारा साधार्मिक स्वामी वात्सल्य का आयोजन किया गया। मंदिर समिति ने इस दो दिवसीय आयोजन को भव्यता प्रदान करने के लिए सभी श्रद्धालुओं, पदाधिकारियों, संरक्षक मंडल और डिजिटल मीडिया टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया।

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