भीलवाड़ा में महिला सुरक्षा कानूनों के कथित दुरुपयोग और निर्दोष पुरुषों व उनके परिवारों को न्याय दिलाने का मुद्दा उठाते हुए अंतर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब (IMCC) INDIA की भीलवाड़ा जिला शाखा ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को ज्ञापन भेजा। चंडीगढ़ से देशभर में चलाए जा रहे ‘भारतीय परिवार बचाओ – SAVE INDIANS FAMILY’ आंदोलन के समर्थन में 14 अक्टूबर 2026 को यह ज्ञापन स्थानीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से प्रेषित किया गया। इसमें पुरुष उत्पीड़न निवारण कानून बनाने, जेंडर न्यूट्रल कानून लागू करने और झूठे मुकदमों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

संस्था के पदाधिकारियों ने दावा किया कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत में लगभग हर चार मिनट में एक पुरुष आत्महत्या कर रहा है। उनके अनुसार, हर घंटे आत्महत्या करने वाले पुरुषों में दस विवाहित पुरुष शामिल हैं। पदाधिकारियों ने महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए कहा कि पैसों के लालच, अय्याशी और मौज-मस्ती के लिए अच्छे-भले परिवारों के खिलाफ झूठे दहेज, उत्पीड़न और बलात्कार जैसे गंभीर आरोप लगाकर लूट-खसोट की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं।

संस्था का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में निर्दोष पुरुषों के साथ उनके वृद्ध माता-पिता और भाई-बहन भी मानसिक एवं सामाजिक उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं। पदाधिकारियों ने भारतीय संस्कृति को बचाए रखने के लिए भारतीय परिवारों की रक्षा को जरूरी बताया।

क्लब ने ज्ञापन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85/86, जो पूर्व में IPC की धारा 498A थी, धारा 80, जो पूर्व में IPC की धारा 304B थी, धारा 63/64, जो पूर्व में IPC की धारा 375/376 थी, तथा धारा 74/79, जो पूर्व में IPC की धारा 354/509 थी, के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया। संस्था ने कहा कि झूठे मुकदमे दर्ज कराने के मामलों में BNS की धारा 217, 236 और 227, जो पूर्व में IPC की धारा 182, 211 और 193 थीं, के तहत छह महीने से सात साल तक की सजा का प्रावधान है।

अंतर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब ने चार प्रमुख मांगें रखीं। पहली मांग महिला सुरक्षा कानूनों के दुरुपयोग की जांच के लिए स्वतंत्र तंत्र स्थापित करने और सख्त गाइडलाइन बनाने की है। दूसरी मांग देश में पुरुष उत्पीड़न निवारण कानून (Men's Commission) और Gender Neutral Law बनाने की है। तीसरी मांग झूठे मुकदमे दर्ज करवाकर वसूली करने वाली महिलाओं के खिलाफ BNS की धारा 217, 236 और 227 के तहत सख्त कार्रवाई करने की है।

क्लब की चौथी मांग है कि जानबूझकर झूठे मुकदमे दायर करवाने वाले ऐसे अधिवक्ताओं का Certificate of Practice (COP) रद्द कर उन्हें प्रतिबंधित किया जाए, जिन्हें मामलों के झूठे होने की जानकारी हो। संस्था ने इसे Advocates Act की धारा 35 के तहत कदाचार का मामला बताया।

इस अवसर पर क्लब के भीलवाड़ा जिला पदाधिकारी उपस्थित रहे। ज्ञापन के माध्यम से संस्था ने महिला सुरक्षा कानूनों के दुरुपयोग की जांच, निर्दोष पुरुषों और उनके परिवारों को न्याय दिलाने तथा पुरुषों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कानूनी और संस्थागत व्यवस्था बनाने की मांग उठाई।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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