भीलवाड़ा: शक्करगढ़ में अवैध गैस रिफिलिंग पर रसद विभाग की बड़ी कार्रवाई
रसद विभाग ने शक्करगढ़ और टिटोडा जागीर में दबिश देकर 39 गैस सिलेंडर और रिफिलिंग उपकरण जप्त किए, रिहायशी इलाकों में चल रहा था अवैध कारोबार।

भीलवाड़ा। शक्करगढ़ क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर मौत का खेल खेल रहे अवैध गैस रिफिलिंग माफियाओं के खिलाफ मंगलवार को रसद विभाग ने सर्जिकल स्ट्राइक की है। विभाग की टीम ने शक्करगढ़ कस्बे और टिटोडा जागीर में एक साथ आधा दर्जन स्थानों पर दबिश देकर हड़कंप मचा दिया। कार्रवाई के दौरान 39 गैस सिलेंडर, रिफिलिंग मोटरें और भारी मात्रा में उपकरण जप्त किए गए हैं।
धमाके के मुहाने पर था कस्बा: सुरक्षा से बड़ा खिलवाड़
- शक्करगढ़ और टिटोडा जागीर में लंबे समय से घरेलू गैस सिलेंडरों से छोटे सिलेंडरों में अवैध रूप से गैस भरने का 'काला कारोबार' फल-फूल रहा था।
- रिहायशी इलाकों में बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के खुलेआम मोटर लगाकर रिफिलिंग की जा रही थी, जो कभी भी भीषण अग्निकांड का कारण बन सकती थी।
- रसद विभाग ने पुलिस के सहयोग से घेराबंदी कर मौके से रिफिलिंग मोटर, पाइप, वजन कांटे और भरे-खाली सिलेंडर जप्त किए।
एजेंसियों की मिलीभगत? ग्रामीणों ने दागे तीखे सवाल
कार्रवाई के बीच ग्रामीणों ने सीधे तौर पर गैस एजेंसियों और विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि:
"गैस एजेंसियां अपना टारगेट पूरा करने के चक्कर में सीधे इन अवैध रिफिलिंग सेंटरों तक सिलेंडरों की सप्लाई दे रही हैं। उज्ज्वला योजना के सिलेंडरों को व्यावसायिक रूप से खपाया जा रहा है।"
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से चल रहे इस खेल की जानकारी होने के बावजूद अधिकारी अब तक 'कुंभकर्णी नींद' सोए हुए थे।
मीडिया से दूरी और विभागीय चुप्पी ने बढ़ाया संशय
हैरानी की बात यह रही कि इतनी बड़ी कार्रवाई के बावजूद रसद विभाग के अधिकारी मीडिया से बचते नजर आए। मीडिया को पुख्ता जानकारी देने के बजाय अधिकारी चुप्पी साधे रहे, जिससे कार्रवाई की पारदर्शिता पर भी सवाल उठने लगे हैं। क्या यह केवल कागजी खानापूर्ति है या माफियाओं पर स्थायी लगाम लगेगी, यह अब चर्चा का विषय है।
अवैध कारोबार पर शिकंजा या सिर्फ औपचारिकता?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की रिफिलिंग बम की तरह खतरनाक है। विभाग ने सामग्री तो जप्त कर ले है, लेकिन एजेंसियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग अब जोर पकड़ रही है। पुलिस और रसद विभाग अब जप्त सामग्री के आधार पर दोषियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रहा है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
