भीलवाड़ा। अवैध बजरी परिवहन के लिए फर्जी ई-रवन्ना तैयार करने के कथित मामले में मांडलगढ़ थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लाडपुरा चौराहे स्थित देव ई-मित्र दुकान के संचालक कमलेश गुर्जर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी खनन विभाग की ओर से जारी वैध ट्रांजिट पास में कांट-छांट और एडिटिंग कर नए फर्जी ट्रांजिट पास तैयार करता था। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल अवैध बजरी से भरे वाहनों के परिवहन में किया जाता था।

जिला पुलिस अधीक्षक सागर राणा के निर्देश पर मांडलगढ़ थाना क्षेत्र में फर्जी ट्रांजिट पास के जरिए संचालित अवैध बजरी परिवहन की रोकथाम के लिए विशेष कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय भीलवाड़ा राजेश आर्य के निर्देशन तथा वृत्ताधिकारी मांडलगढ़ योगेश शर्मा के सुपरविजन में थानाधिकारी राजकुमार नायक के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई।

पुलिस के मुताबिक 11 अगस्त 2026 को एक खास मुखबिर से सूचना मिली कि लाडपुरा चौराहे पर स्थित देव ई-मित्र दुकान का संचालक फर्जी ई-रवन्ना जारी कर अवैध बजरी परिवहन करने वाले वाहनों को उपलब्ध करा रहा है। सूचना को विश्वसनीय मानते हुए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया। इसके बाद उपनिरीक्षक दिलीप सिंह पुलिस टीम के साथ कानूनी कार्रवाई के लिए रवाना हुए।

पुलिस टीम लाडपुरा चौराहे स्थित देव ई-मित्र दुकान पर पहुंची तो वहां कंप्यूटर में खनन विभाग की ओर से जारी ट्रांजिट पास में कथित तौर पर कांट-छांट एवं एडिटिंग किए हुए दस्तावेज मिले। मौके की स्थिति को देखते हुए खनन विभाग बिजौलिया के अधिकारियों को भी बुलाया गया।

मौके पर पहुंचे खनन विभाग के अधिकारियों ने बरामद ट्रांजिट पास की जांच की। पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया कि मूल ट्रांजिट पास में एडिटिंग एवं कांट-छांट कर फर्जी और अवैध ट्रांजिट पास तैयार किए गए थे। इन कथित फर्जी दस्तावेजों के जरिए अवैध बजरी परिवहन करने वाले वाहनों को वैध परिवहन का रूप देने की कोशिश की जा रही थी।

जांच के बाद पुलिस ने ई-मित्र संचालक कमलेश गुर्जर (27), पुत्र कैलाशचन्द्र गुर्जर, निवासी भारेण्डा, थाना मांडलगढ़ को उसके कथित कृत्य से अवगत कराते हुए नियमानुसार गिरफ्तार कर लिया। मामले में प्रकरण संख्या 206/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 318(4), 340(2), 336(3), 338, 112(2) बीएनएस तथा धारा 66D आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की है।

पुलिस की कार्रवाई में यह भी सामने आया कि कथित फर्जी ट्रांजिट पास किसी सामान्य कागजी हेरफेर के जरिए नहीं, बल्कि ई-मित्र दुकान में लगे कंप्यूटर से तैयार किए जा रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने कितने फर्जी ई-रवन्ना तैयार किए, किन-किन वाहनों को उपलब्ध कराए गए और इस कथित फर्जीवाड़े के पीछे अवैध बजरी परिवहन से जुड़े और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

कमलेश गुर्जर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का अनुसंधान जारी है। जांच के दौरान फर्जी ट्रांजिट पास के इस्तेमाल, उनसे जुड़े वाहनों और अवैध बजरी परिवहन के पूरे नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की संभावना है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कथित रूप से तैयार किए गए फर्जी ई-रवन्नों की संख्या कितनी है और उनसे कितने वाहनों का परिवहन कराया गया।

इस कार्रवाई में थानाधिकारी मांडलगढ़ राजकुमार नायक, पुलिस निरीक्षक, उपनिरीक्षक दिलीप सिंह, सहायक उपनिरीक्षक रघुवीर सिंह, सहायक उपनिरीक्षक रामसिंह, कांस्टेबल मदन लाल, कांस्टेबल राजाराम, कांस्टेबल अनिल कुमार तथा कांस्टेबल भंवर लाल शामिल रहे।

मांडलगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई अवैध बजरी परिवहन के खिलाफ की गई महत्वपूर्ण कार्रवाई है। फर्जी ई-रवन्ना के जरिए वैध दस्तावेजों का रूप देकर अवैध बजरी परिवहन कराने के आरोप में हुई गिरफ्तारी के बाद पुलिस की निगाहें अब पूरे नेटवर्क पर हैं। अनुसंधान आगे बढ़ने के साथ फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और अवैध बजरी परिवहन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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Anshul Toshniwal, Bhilwara

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नाम: अंशुल तोषनीवाल

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अंशुल तोषनीवाल भीलवाड़ा जिले से न्यूज़ वेबसाइट के लिए रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह भीलवाड़ा जिले और उसके अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों की स्थानीय घटनाओं, प्रशासनिक गतिविधियों, क्राइम, राजनीति और जनहित से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

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अंशुल तोषनीवाल शैक्षणिक रूप से इंजीनियर (Engineer) हैं। उनकी तकनीकी और विश्लेषणात्मक पृष्ठभूमि उन्हें खबरों को सटीकता से समझने और प्रस्तुत करने में मदद करती है।

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