भीलवाड़ा एमजी अस्पताल में 6 दिन में 5 प्रसूताओं की मौत पर सेन समाज का प्रदर्शन, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय में ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण की पुष्टि के बावजूद सिजेरियन ऑपरेशन किए जाने और छह दिनों में पांच प्रसूताओं की मौत के मामले पर सेन समाज ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को न्याय की मांग उठाई।

भीलवाड़ा जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर हाथों में बैनर लिए प्रदर्शन करते सेन समाज के प्रतिनिधि।
महात्मा गांधी चिकित्सालय के मातृ एवं शिशु चिकित्सालय के ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण की पुष्टि होने के बावजूद लगातार सिजेरियन ऑपरेशन किए जाने और इसके चलते मात्र छह दिनों में पांच प्रसूताओं की असमय मौत के मामले ने भीलवाड़ा में व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया है। इस गंभीर प्रकरण को लेकर समस्त सेन समाज ने 15 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री के नाम भीलवाड़ा जिला कलेक्टर को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में अस्पताल प्रशासन की गंभीर अव्यवस्थाओं और आमजन के जीवन के साथ किए गए कथित खिलवाड़ पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। समाज की ओर से कहा गया कि अखबारों और विभिन्न मीडिया माध्यमों से सामने आए तथ्य अत्यंत गंभीर और रोंगटे खड़े करने वाले हैं। ज्ञापन के अनुसार, ऑपरेशन थिएटर की कल्चर टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आने, अर्थात संक्रमण की पुष्टि होने के बावजूद वहां लगातार सिजेरियन ऑपरेशन किए जाते रहे। ज्ञापन में इसे सीधे तौर पर गंभीर आपराधिक कृत्य बताते हुए कहा गया कि इस लापरवाही ने पांच हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया है तथा पूरे भीलवाड़ा क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बना दिया है।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई कि पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और उच्च स्तरीय कमेटी से तय समय सीमा में निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। संक्रमण की पुष्टि के बाद भी डिलीवरी जारी रखने वाले जिम्मेदार डॉक्टरों, अधिकारियों और दोषी कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए। जब तक ऑपरेशन थिएटर पूरी तरह संक्रमण मुक्त और सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक वैकल्पिक सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा अस्पताल में इंफेक्शन कंट्रोल प्रोटोकॉल की तत्काल समीक्षा की जाए।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि अस्पताल में प्रतिदिन होने वाले 30 से 40 सिजेरियन ऑपरेशनों की तुलना में सर्जिकल सेट और उपकरणों की भारी कमी है। ऐसे में अस्पताल में तत्काल आधुनिक उपकरण, पर्याप्त जीवन रक्षक दवाएं और आवश्यक नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध कराया जाए। साथ ही मृत प्रसूताओं के परिवारों को उचित आर्थिक सहायता अथवा मुआवजा देकर त्वरित न्याय प्रदान किया जाए। जिन परिवारों के मासूम बच्चों ने अपनी मां को खो दिया है, उनके पालन-पोषण, उच्च शिक्षा तक निःशुल्क शिक्षा, छात्रवृत्ति तथा भविष्य की सुरक्षा के लिए विशेष सरकारी सहायता योजना लागू करने की भी मांग की गई।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि मातृ सुरक्षा से जुड़े इस अत्यंत संवेदनशील मामले में राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं की, तो क्षेत्र की जनता न्याय के लिए उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस दौरान लादूलाल सेन पुर, राजेश सेन दाढीवाला, लालचन्द सेन, गोविन्द सेन, ललित बनेकड़िया, यशोवर्धन सेन, महेश सांवरिया, जसराज सेन, सागर सेन, विकास सेन, संजय सेन, जितेन्द्र सेन, लक्ष्मण सेन, सुनील सेन, दीपक सेन, बबलू सेन, महेन्द्र सेन, दीपक सेन, गोपाल सेन, सोनू सेन सहित समस्त सेन समाज के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Anshul Toshniwal, Bhilwara
नाम: अंशुल तोषनीवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): सभी प्रकार के समाचार (General Reporting)
अनुभव: 6 माह
परिचय
अंशुल तोषनीवाल भीलवाड़ा जिले से न्यूज़ वेबसाइट के लिए रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह भीलवाड़ा जिले और उसके अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों की स्थानीय घटनाओं, प्रशासनिक गतिविधियों, क्राइम, राजनीति और जनहित से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
अंशुल तोषनीवाल शैक्षणिक रूप से इंजीनियर (Engineer) हैं। उनकी तकनीकी और विश्लेषणात्मक पृष्ठभूमि उन्हें खबरों को सटीकता से समझने और प्रस्तुत करने में मदद करती है।
