भीलवाड़ा: जिला अस्पताल में होमगार्ड जवानों ने लौटाई लाचार मरीज की अमानत
भीलवाड़ा जिला अस्पताल में होमगार्ड के जवानों ने ₹10,000 और जेवरात से भरा पर्स लौटाकर ईमानदारी की मिसाल पेश की, पुलिस की मदद से मालिक की हुई पहचान।

भीलवाड़ा। भौतिकतावादी युग में जब मानवीय मूल्यों के क्षरण की खबरें आम हैं, तब भीलवाड़ा जिला अस्पताल में तैनात दो होमगार्ड जवानों और पुलिस टीम ने ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का एक ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसने खाकी की छवि को गौरवान्वित किया है। अस्पताल परिसर में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात इन जवानों ने एक लाचार मरीज के पति का रुपयों और जेवरात से भरा खोया हुआ पर्स पूरी सुरक्षा के साथ लौटाकर मानवता का फर्ज निभाया है।
घटनाक्रम के अनुसार, सुभाषनगर थाना क्षेत्र के मारुति नगर निवासी कैलाश ओड पुत्र ओंकार ओड की पत्नी जिला अस्पताल में उपचाराधीन थीं। पत्नी के इलाज की चिंता में व्याकुल कैलाश अस्पताल परिसर में आवश्यक कार्यों हेतु दौड़-भाग कर रहे थे, इसी बीच उनका पर्स कहीं गिर गया। इस पर्स में इलाज हेतु रखी गई ₹10,000 की नकद राशि और चांदी की कीमती घुघरी मौजूद थी। अस्पताल जैसे स्थान पर, जहां एक-एक पैसे की कीमत जीवन और मरण के बीच का अंतर हो सकती है, वहां इस महत्वपूर्ण सामग्री के खो जाने से कैलाश ओड के समक्ष विकट परिस्थिति उत्पन्न हो गई थी।
सौभाग्यवश, यह पर्स वहां मुस्तैदी से सुरक्षा ड्यूटी संभाल रहे होमगार्ड जवान बालमुकुंद त्रिपाठी और पारसमल सोनी को मिला। धन से भरे पर्स को पाकर भी दोनों जवानों का जमीर अडिग रहा। उन्होंने कर्तव्यपरायणता का परिचय देते हुए तत्काल इस पर्स को अस्पताल स्थित पुलिस चौकी प्रभारी कृष्ण गोपाल शर्मा के सुपुर्द कर दिया। हालांकि, पर्स के भीतर कोई ऐसा दस्तावेज या पहचान पत्र नहीं था, जिससे उसके असली मालिक की शिनाख्त हो सके। यह स्थिति पुलिस टीम के लिए एक चुनौती बन गई, किंतु चौकी प्रभारी कृष्ण गोपाल शर्मा और कांस्टेबल अशोक ने हार नहीं मानी।
पुलिस टीम ने अस्पताल परिसर में सक्रियता दिखाते हुए कड़े प्रयासों से असली मालिक कैलाश ओड की पहचान कर ली। इसके पश्चात, पुलिस चौकी पर कैलाश ओड को बुलवाया गया और सभी पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में होमगार्ड जवानों ने वह पर्स पूर्ण सुरक्षा के साथ उन्हें सौंप दिया। अपनी मेहनत की कमाई और इलाज की राशि को सुरक्षित वापस पाकर कैलाश ओड भावुक हो गए। उन्होंने भीलवाड़ा पुलिस और होमगार्ड जवानों की इस अनुकरणीय कार्यशैली के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। यह घटना न केवल पुलिस विभाग के प्रति आमजन का भरोसा बढ़ाती है, बल्कि यह भी सिद्ध करती है कि आज भी समाज में ईमानदारी और सेवाभाव जीवित है।

