भीलवाड़ा के हरिशेवा आश्रम में सनातन मंगल महोत्सव और श्रीविष्णु महायज्ञ शुरू
महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम महाराज के सानिध्य में आठ दिवसीय आयोजन, वृंदावन के डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर द्वारा श्रीमद भागवत कथा और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान जारी।

भीलवाड़ा के हरिशेवा उदासीन आश्रम में आयोजित सनातन मंगल महोत्सव के दौरान व्यास पीठ से कथा वाचन करते डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर और उपस्थित श्रद्धालु।
हरिशेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर भीलवाड़ा इन दिनों सनातन संस्कृति के विभिन्न रूपों को एक साथ प्रकट करने वाला केन्द्र बना हुआ है। महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज के मार्गदर्शन में आठ दिवसीय सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह का भव्य आयोजन हो रहा है।
विविध धार्मिक अनुष्ठान और पावन वातावरण
- श्री अष्टोतर शत (108) भागवत मूल पाठ और चारों वेद के मूल पाठ का पारायण होकर वेद वाणी गूंज रही है।
- काशी के यज्ञाचार्य कामेश्वरनाथ तिवारी के सानिध्य में पंचकुण्डीय श्री विष्णु महायज्ञ में आहुतियां और वैदिक अग्नि अनुष्ठान वातावरण को पवित्र बना रहा है।
- शतचण्डी, अखण्ड श्रीमद् भगवतगीता पाठ, श्री रामचरितमानस पाठ, श्रीचंद सिद्धांत सागर पाठ और अखण्ड श्री रामनाम संकीर्तन अनवरत जारी है।
डॉ. पाराशर द्वारा श्रीमद भागवत कथा का वाचन
महोत्सव के तीसरे दिन शनिवार को श्रीधाम वृन्दावन के कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर ने सती चरित्र व ध्रुव चरित्र प्रसंग का वाचन किया। उन्होंने कहा:
"धर्म हमारे जीवन का प्राण, धर्म निरपेक्ष नहीं धर्म सापेक्ष बने। धर्म के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। महात्मा विदुर ओर युधिष्ठर दोनों धर्म के अवतार थे पर विदुर के जाने से कौरव धर्म निरपेक्ष हो गए थे जो विनाश का कारण बना। पांडवों के साथ सदा धर्म रहा। जहां धर्म होता है भगवान वहीं होते है। कितना भी कमजोर होने पर भी धर्म को साथ रखने वाला कभी हार नहीं सकता।"
डॉ. पाराशर ने आगे मार्गदर्शन देते हुए कहा:
"माया की प्रबलता ज्ञान ओर चित्त पर पर्दा डाल देती है। माधव का जो भक्त बन जाता है माया उसकी दासी होती है। माया से बचना है तो भगवान के शरणागत हो जाए। संसार का सुख भ्रम मात्र है, असली सुख बाहरी दुनिया में नहीं बल्कि हमारे भीतर है उसकी अनुभूति करने के लिए अर्न्तमुखी बनना होगा। संसार में जितनी सुविधाएं बढ़ी उतनी ही अशांति भी बढ़ी है। मनु महाराज ने मनुस्मृति में जीवन का संविधान बताया है, जो मनु स्मृति को गाली देते है वह अपने पूर्वजों को गाली दे रहे है। हमारा मन ही मुक्ति व बंधन का कारण होता है। मन भगवान में लग जाए तो मुक्ति ओर विषयों में लग जाए तो बंधन बन जाता है। भजन मन को भगवान से जोड़ता है।"
आरती में सम्मिलित विभूतियाँ
व्यास पीठ की आरती करने वालों में प्रमुख रूप से ये सम्मिलित रहे:
- महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज, महंत श्यामसुन्दर दास महाराज, महंत सुभाष शाह जम्मू, महंत प्रकाशमुनी हरिद्वार।
- महंत दामोदर शरण हरिद्वार, महंत स्वरुपदास उदासीन अजमेर, महंत हनुमान राम उदासीन पुष्कर, महंत मोहन दास इंदौर।
- हाथीभाटा आश्रम के महन्त संतदास महाराज, हनुमान टेकरी के महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा, निम्बार्क आश्रम के महन्त मोहनशरण शास्त्री।
- महन्त रामदास रामायणी ट्रांसपोर्टनगर, महंत भूमानंद महाराज पंजाब, संत हरेराम दास जम्मू, संत राघवानंद दास उत्तरकाशी।
- संत ओम दास, संत हंसदास रीवा, साध्वी गुरुपदमा भीलवाड़ा, संत स्वरूप दास रीवा, पंचमुखी बालाजी रीको के पुजारी मुरारी पांडे।
- भीलवाड़ा के विभिन्न समाजों एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, सनातन सेवा समिति एवं हंसगंगा हरिशेवा भक्त मण्डल के पदाधिकारी, सदस्य व श्रद्धालु।
काशी और वृन्दावन के विद्वानों का संगम
काशी, वृन्दावन, वाराणसी सहित विभिन्न स्थानों से 180 से अधिक विद्धान धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न कराने के लिए आश्रम आए हुए हैं।
- श्री अष्टोतर शत (108) भागवत मूल पाठ वृन्दावन के पीठाचार्य श्रीराम कुमार मुद्गल के निर्देशन में हो रहा है।
- श्रीमद् भागवत महापुराण कथा 25 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर 1 से 4 बजे तक होगी। चौथे दिन रविवार को राम कथा व नंद महोत्सव होगा।
- रसिकाचार्य कुंजबिहारी शर्मा के लीलाकारों द्वारा प्रतिदिन शाम 7 बजे से रासलीला का आयोजन हो रहा है।
- प्रतिदिन शाम 6.30 बजे काशी की तर्ज पर गंगा आरती का आयोजन श्रद्धा के साथ किया जा रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष का आगमन और 'मन की बात'
सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह में 22 अप्रेल रविवार को राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी शामिल होंगे। वे दोपहर 3 बजे आश्रम पहुचेंगे। इससे पूर्व सुबह 10:40 बजे महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन के सानिध्य में श्रद्धालुगण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘मन की बात’ के 131वें संस्करण का श्रवण करेंगे।
भीलवाड़ा, 21 फरवरी।

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