भीलवाड़ा। सामाजिक विकास की राह में रोड़ा बनी बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए अब नई पीढ़ी ने मोर्चा संभाल लिया है। जिले के हमीरगढ़ क्षेत्र में '100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान' के तहत एक वृहद जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसने पूरे क्षेत्र में इस कुरीति के विरुद्ध एक निर्णायक लड़ाई का आगाज कर दिया है। बाल अधिकारिता विभाग और जिला बाल संरक्षण इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह अभियान सहायक निदेशक धर्मराज प्रतिहार के कुशल निर्देशन में संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य न केवल शादियों को रोकना है, बल्कि समाज की मानसिकता में स्थायी बदलाव लाना है।

अभियान की गूंज हमीरगढ़ के तीन प्रमुख शिक्षण संस्थानों—पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय एवं राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में सुनाई दी। इन विद्यालयों के प्रांगण में जब सैंकड़ों बच्चों की आवाजें एक साथ बाल विवाह मुक्त समाज के संकल्प के लिए गूंजी, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति इस बदलाव का साक्षी बना। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बाल विवाह के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों से विस्तार से अवगत कराया गया, जिससे वे इस कुप्रथा के विरुद्ध एक सजग प्रहरी के रूप में तैयार हो सकें।

आयोजन को केवल भाषणों तक सीमित न रखते हुए इसे रचनात्मक और संवादात्मक बनाया गया। बच्चों के बीच खेल गतिविधियां, पोस्टर निर्माण और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्रों ने रंगों और तर्कों के जरिए बाल विवाह के दर्द और उससे मिलने वाली मुक्ति के संदेश को उकेरा। विशेष रूप से बच्चों को प्रेरित किया गया कि वे अपने आसपास होने वाले किसी भी अन्याय के खिलाफ मुखर हों और समाज में जागरूकता के वाहक बनें।

प्रशासनिक और तकनीकी बारीकियों को साझा करने के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई की संरक्षण अधिकारी अनुराधा तोलंबिया, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के परियोजना समन्वयक हेमंत सिंह, काउंसलर निर्मला पुरोहित और सुपरवाइजर राधेश्याम गुर्जर ने मंच संभाला। अधिकारियों ने बच्चों और विद्यालय स्टाफ को संबोधित करते हुए कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी और स्पष्ट किया कि सरकार इस 100 दिवसीय अभियान के माध्यम से शून्य बाल विवाह के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सजगता ही बचाव है और किसी भी संदिग्ध बाल विवाह की सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर दी जानी चाहिए, ताकि समय रहते मासूमों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।

इस भव्य कार्यक्रम में विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षक वृंद की गरिमामयी उपस्थिति रही। समारोह के समापन पर लगभग 750 विद्यार्थियों सहित विद्यालय स्टाफ ने एक स्वर में बाल विवाह मुक्त समाज निर्माण की शपथ ली। यह आयोजन न केवल एक सरकारी कार्यक्रम था, बल्कि यह भीलवाड़ा के हमीरगढ़ से उठी वह सशक्त आवाज थी जो यह संदेश दे रही है कि अब बचपन को आंगन में खेलने का पूरा अधिकार मिलेगा और शिक्षा की लौ से कुरीतियों का अंधकार मिटाया जाएगा।

Pratahkal Newsroom

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