भीलवाड़ा: राजकीय कन्या महाविद्यालय में शुरू होंगे एपेरल और आईटी के सर्टिफिकेट कोर्स
फिनिशिंग स्कूल प्रोग्राम के तहत छात्राओं को एडवांस पैटर्न मेकर और वेब डेवलपमेंट का मिलेगा प्रशिक्षण, उद्योग जगत के सहयोग से 70 प्रतिशत रोजगार का लक्ष्य।

भीलवाड़ा। राजस्थान के शैक्षणिक परिदृश्य में महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। वस्त्र नगरी भीलवाड़ा की छात्राओं को अब केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना होगा, बल्कि वे उद्योग जगत की आधुनिक बारीकियों से लैस होकर सीधे रोजगार की दहलीज पर कदम रखेंगी। राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी 'फिनिशिंग स्कूल प्रोग्राम' पहल के तहत सेठ मुरलीधर मानसिंहका राजकीय कन्या महाविद्यालय में दो नए सर्टिफिकेट कोर्स शुरू होने जा रहे हैं। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उस विजन को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा, जहाँ शिक्षा को सीधे आजीविका और बाजार की मांग से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सावन कुमार जांगिड़ ने इस नवाचार की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि आगामी सत्र से संस्थान में 'एपेरल' और 'आईटी' क्षेत्र के विशिष्ट पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। तकनीकी कौशल को धार देने के उद्देश्य से 'एडवांस पैटर्न मेकर' और सूचना प्रौद्योगिकी के उभरते क्षेत्र में 'फुल स्टैक वेब डेवलपमेंट' जैसे उच्च-स्तरीय कोर्स छात्राओं के लिए उपलब्ध होंगे। इन पाठ्यक्रमों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि स्नातक एवं स्नातकोत्तर के अंतिम वर्ष की छात्राओं के साथ-साथ पासआउट हो चुकी छात्राएं भी अपनी व्यावसायिक दक्षता बढ़ा सकें। प्रशिक्षण की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रत्येक पाठ्यक्रम 510 से 540 घंटों की सघन ट्रेनिंग पर आधारित होगा, जिसमें छात्राओं की 70 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य रखी गई है ताकि गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
इस कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी इसका रोजगार उन्मुखी मॉडल है। उद्योग जगत के सक्रिय सहयोग से संचालित इन पाठ्यक्रमों का मुख्य लक्ष्य केवल प्रमाण पत्र बांटना नहीं, बल्कि प्रशिक्षित युवाओं के लिए कम से कम 70 प्रतिशत रोजगार सुनिश्चित करना है। सीटों की संख्या को सीमित और प्रभावी रखते हुए प्रत्येक बैच के लिए अधिकतम 60 और न्यूनतम 20 सीटें निर्धारित की गई हैं, जबकि पाठ्यक्रम शुल्क का निर्धारण विभिन्न श्रेणियों के अनुसार पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। भीलवाड़ा जैसे औद्योगिक केंद्र में एपेरल और आईटी के इन कोर्सेज का शुरू होना न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को घर के पास ही बड़े अवसर प्रदान करेगा, बल्कि यह प्रदेश की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त और दूरगामी प्रहार है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
