भीलवाड़ा में गायत्री महायज्ञ और दीप यज्ञ का दूसरा दिन संपन्न
लखोटिया परिवार की ओर से आयोजित तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान में प्रज्ञा पुराण कथा और संस्कार कार्यक्रमों में उमड़े श्रद्धालु।

भीलवाड़ा में आयोजित तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान में प्रज्ञा पुराण कथा के दौरान पूजन करते आयोजक।
भीलवाड़ा में नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ, संस्कार कार्यक्रमों और 251 दीपों से सजे दीप यज्ञ के बीच लखोटिया परिवार की ओर से आयोजित तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का दूसरा दिन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ। अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं और प्रज्ञा पुराण कथा के माध्यम से साधना, अनुशासन तथा आध्यात्मिक जीवन के सूत्र जाने।
आयोजक कैलाश चन्द्र, सीए अंकित और पुलकित लखोटिया ने बताया कि रविवार को सुबह 7.30 से 10.30 बजे तक नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं संस्कार कार्यक्रम आयोजित किए गए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां देकर सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान संस्कार कार्यक्रम भी आयोजित हुए।
दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक प्रज्ञा पुराण कथा का आयोजन किया गया। कथा व्यास ने साधना के महत्व को समझाते हुए कहा कि निश्चित समय, निश्चित स्थान और निश्चित संख्या के साथ नियमित साधना करने से भगवान की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। उन्होंने साधना में अनुशासन, नियमितता और अटूट श्रद्धा को महत्वपूर्ण बताते हुए श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक जीवन अपनाने की प्रेरणा दी।
शाम को आयोजित दीप यज्ञ में 251 दीप प्रज्वलित किए गए। दीपों की रोशनी से आयोजन स्थल जगमगा उठा और वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने दीप यज्ञ में भाग लेकर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। गायत्री मंत्र की आहुतियों, आध्यात्मिक प्रवचनों और दीपों की जगमगाहट के बीच धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की भागीदारी रही।
महोत्सव के अंतिम दिन सोमवार, 26 अक्टूबर को सुबह 7.30 से 10.30 बजे तक गायत्री महायज्ञ, संस्कार कार्यक्रम एवं पूर्णाहुति आयोजित होगी। इसके बाद दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक संगीतमय प्रज्ञा पुराण कथा होगी। इन कार्यक्रमों के साथ तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का समापन होगा।
लखोटिया परिवार की ओर से आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना, सद्विचार और संस्कारों का प्रसार करना है। महायज्ञ, प्रज्ञा पुराण कथा, संस्कार कार्यक्रम और दीप यज्ञ के माध्यम से श्रद्धालुओं को साधना, श्रद्धा और आध्यात्मिक जीवन के महत्व का संदेश दिया गया।

Anshul Toshniwal, Bhilwara
नाम: अंशुल तोषनीवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): सभी प्रकार के समाचार (General Reporting)
अनुभव: 6 माह
परिचय
अंशुल तोषनीवाल भीलवाड़ा जिले से न्यूज़ वेबसाइट के लिए रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह भीलवाड़ा जिले और उसके अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों की स्थानीय घटनाओं, प्रशासनिक गतिविधियों, क्राइम, राजनीति और जनहित से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
अंशुल तोषनीवाल शैक्षणिक रूप से इंजीनियर (Engineer) हैं। उनकी तकनीकी और विश्लेषणात्मक पृष्ठभूमि उन्हें खबरों को सटीकता से समझने और प्रस्तुत करने में मदद करती है।
