भीलवाड़ा: आमां पंचायत में गौशाला की तारबंदी पर विवाद और खूनी संघर्ष
कालिरडिया बालाजी गौशाला की तारबंदी के दौरान धारदार हथियारों से हमला और जेसीबी से कुचलने का प्रयास, घायल ग्रामीण अस्पताल में भर्ती।

भीलवाड़ा जिले की आमां पंचायत स्थित कालिरडिया बालाजी गौशाला में तारबंदी कार्य के दौरान हुए हमले में घायल ग्रामीण और घटनास्थल पर मौजूद पुलिस बल।
भीलवाड़ा जिले के ग्राम आमां पंचायत स्थित कालिरडिया बालाजी गौशाला पर उस समय कोहराम मच गया जब योजनाबद्ध तरीके से आए एक विशेष समुदाय के करीब 50 लोगों ने हथियारों के साथ ग्रामीणों पर हमला बोल दिया। हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हमलावरों ने न केवल तलवारों और बंदूकों का इस्तेमाल किया, बल्कि जेसीबी चढ़ाकर ग्रामीणों को कुचलने का प्रयास भी किया। योजनाबद्ध तरीके से आए करीब 50 लोगों ने हथियारों के साथ ग्रामीणों पर हमला बोल दिया और जेसीबी से कुचलने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने अब पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर उक्त गंभीर आरोप लगाए हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत और ग्रामवासियों की सहमति से गौशाला की सुरक्षा के लिए तारबंदी का कार्य किया जा रहा था। शाम करीब 4 बजे, जब ग्रामीण काम में जुटे थे, तभी सरफुद्दीन, जाहिद, सालिम और कालू खां सहित दर्जनों पुरुष और महिलाएं लाठी, डंडे और धारदार हथियारों के साथ मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि हमलावर पहले से हमले की पूरी तैयारी करके आए थे।
जेसीबी से हमला, महिला सहित कई ग्रामीण गंभीर रूप से हुए घायल
ग्रामीणों का आरोप है कि, हमले के दौरान सलीम खां ने बेखौफ होकर ग्रामीणों पर जेसीबी चढ़ा दी। इस हिंसक झड़प में रीना ओड पर पत्थरों और धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई और उसे प्राथमिक उपचार के बाद भीलवाड़ा अस्पताल रेफर किया गया है। इसके अलावा, मुकेश, गोविंद, देवेंद्र, राजू जाट, अम्बा लाल, मैक लाल बैरवा और गणपत ओड सहित कई अन्य ग्रामीण भी लहूलुहान हुए हैं। पीड़ित पक्ष ने जिला पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए और अवैध ढांचों को वहां से हटाया जाए।
धर्म छोड़ने का दबाव और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
शिकायतकर्ताओं ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए बताया कि "हमलावर लगातार उन्हें अपना धर्म छोड़ने और उनके समुदाय में शामिल होने के लिए डराते-धमकाते हैं।" ग्रामीणों का कहना है कि "पहले भी कई बार हमले की रिपोर्ट बडलियास थाने में दी गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्यवाही नहीं की। बाहर से गुंडे बुलाकर स्थानीय लोगों और बच्चों को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।" उल्लेखनीय है कि मौके पर हमलावरों की जेसीबी अभी भी खड़ी है, जो मंगरोप निवासी धर्मचंद खटीक की बताई जा रही है।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश और सख्त कार्यवाही की मांग
घटना के बाद से क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल व्याप्त है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि "यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।" ग्रामीणों में प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर गहरा रोष है और उन्होंने पुलिस प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कदम उठाने की मांग की है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
