गंगापुर-भीलवाड़ा। गंगापुर क्षेत्र के काली मंगरी का खेड़ा गांव में देवनारायण मंदिर परिसर में आयोजित गवरी नृत्य कार्यक्रम में आस्था और लोक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। देखते ही देखते आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड़ पड़ा और पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल से सराबोर हो गया।

गवरी नृत्य के दौरान कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में विभिन्न पात्रों का जीवंत अभिनय करते हुए शानदार प्रस्तुतियां दीं। ढोल-मांदल सहित पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप के बीच कलाकारों ने नृत्य और अभिनय के माध्यम से लोगों का खूब मनोरंजन किया। गवरी की प्रस्तुतियां देखने के लिए महिला, पुरुष और बच्चों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

गवरी राजस्थान की प्राचीन लोक नाट्य एवं नृत्य परंपरा है, जिसमें धार्मिक प्रसंगों के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश भी प्रस्तुत किए जाते हैं। काली मंगरी का खेड़ा में आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान की लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिली।

देवनारायण मंदिर में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। गवरी के दौरान मंदिर परिसर जयकारों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज से भक्तिमय बना रहा। ग्रामीणों ने आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लिया और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

आयोजन के चलते काली मंगरी का खेड़ा गांव में पूरे दिन उत्सव जैसा माहौल नजर आया। गवरी कार्यक्रम धार्मिक आस्था, लोककला और राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संगम बनकर सामने आया।

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