भीलवाड़ा जिले की फुलियाकला तहसील के कनेछनकलां निवासी एक महिला ने भूखंडों का पट्टा नियमन कराने के नाम पर 1 करोड़ 46 लाख रुपये की धोखाधड़ी और मानसिक उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता श्रीमती कन्या देवी पत्नी लक्ष्मीनारायण खटीक ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और न्याय की मांग की है।

पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत उन्हें और उनके पति को झांसे में लिया। भूखंडों के पट्टे बनवाकर देने के एवज में आरोपियों ने उनसे कुल ₹1,46,000,000 (एक करोड़ छियालिस लाख रुपये) हड़प लिए। शिकायत में बताया गया है कि सांवर मल शर्मा ने ₹36,000,000 प्राप्त किए, जबकि जगदीश कुमावत ने ₹20,000,000 बीस लाख रुपये लिए। बाकी रकम अन्य आरोपियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी से लेने का आरोप है।

पीड़िता का आरोप है कि पिछले 6 वर्षों से अधिक समय से आरोपी उन्हें लगातार टरका रहे हैं और न तो पट्टा फाइल दे रहे हैं और न ही पट्टा बनाकर दे रहे हैं। जब पीड़िता और उनके पति ने अपनी रकम वापस मांगी या पट्टा बनाने की बात कही, तो आरोपियों ने साफ इनकार कर दिया।

शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने महिला का सार्वजनिक रूप से अपमान किया और उनके पति को जातिसूचक गालियां दीं। पीड़िता के मुताबिक, धोखाधड़ी और भारी कर्जे के कारण तनाव में आकर उनके पति ने पूर्व में जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास भी किया था।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी अब भी उन्हें और उनके पति को आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर रहे हैं। साथ ही, पुलिस में रिपोर्ट करने पर झूठे केस में फंसाने की धमकियां देने का आरोप भी शिकायत में लगाया गया है।

पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक भीलवाड़ा से मांग की है कि थानाधिकारी, पुलिस थाना सुभाष नगर, भीलवाड़ा को निर्देशित कर आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। इसके साथ ही हड़प की गई पूरी राशि ₹1.46 करोड़ बरामद कराने और उन्हें सुरक्षा प्रदान करने की भी गुहार लगाई गई है।

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