भीलवाड़ा: 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान के तहत कृषि मंडी में सजेगा फूड लाइसेंस शिविर
भीलवाड़ा में 6 जनवरी 2026 को कृषि मंडी में विशाल फूड लाइसेंस शिविर का आयोजन होगा। आयुक्त टी. शुभमंगला के निर्देशानुसार डॉ. रामकेश गुर्जर और अशोक कुमार यादव की देखरेख में 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान के तहत मौके पर ही ऑनलाइन पंजीकरण और लाइसेंस जारी किए जाएंगे। सभी खाद्य कारोबारी अपने दस्तावेजों के साथ पहुंचकर इस सरकारी पहल का लाभ उठाएं।

भीलवाड़ा, 5 जनवरी 2026। राजस्थान सरकार के 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान को गति देते हुए भीलवाड़ा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य व्यापारियों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रक आयुक्त टी. शुभमंगला के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए, जिले के खाद्य कारोबारियों को कानूनी दायरे में लाने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित आहार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 6 जनवरी 2026 को कृषि मंडी में एक विशाल पंजीकरण शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह शिविर न केवल व्यापारिक सुगमता को बढ़ावा देगा, बल्कि जिले में खाद्य सुरक्षा के मानकों को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामकेश गुर्जर ने इस पहल की जानकारी देते हुए बताया कि जिले के समस्त खाद्य व्यवसायियों के लिए लाइसेंस और पंजीकरण की प्रक्रिया को सुलभ बनाने हेतु यह विशेष कदम उठाया गया है। 6 जनवरी को प्रातः 11 बजे से सायं 5 बजे तक आयोजित होने वाले इस शिविर में व्यापारियों को लंबी प्रतीक्षा से मुक्ति मिलेगी और उनके आवेदनों का मौके पर ही ऑनलाइन निस्तारण कर हाथों-हाथ लाइसेंस जारी किए जाएंगे। डॉ. गुर्जर ने स्पष्ट किया कि शिविर के उपरांत भी सीएमएचओ कार्यालय में प्रतिदिन प्राथमिकता के आधार पर पंजीकरण कार्य जारी रहेगा ताकि कोई भी व्यापारी इस अनिवार्य प्रक्रिया से वंचित न रहे।
खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 की गंभीरता को रेखांकित करते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक कुमार यादव ने बताया कि प्रदेश में किसी भी प्रकार का खाद्य कारोबार शुरू करने के लिए वैधानिक रूप से लाइसेंस अनिवार्य है। उन्होंने विस्तार से जानकारी दी कि चाहे वह बड़े निर्माता हों या छोटे रेहड़ी-पटरी वाले, सभी के लिए पंजीकरण आवश्यक है। इस दायरे में किराना स्टोर, मिठाई की दुकानें, होटल, डेयरी, रेस्टोरेंट, कैटरिंग, और फास्ट फूड स्टॉल से लेकर स्कूल-कॉलेजों की कैंटीन, मेडिकल स्टोर, मदिरा दुकानें और यहाँ तक कि स्वयं सहायता समूह भी शामिल हैं। यादव ने जोर देकर कहा कि 12 लाख रुपये तक के वार्षिक टर्नओवर वाले व्यापारियों को केवल आधार कार्ड और फोटो के माध्यम से पंजीकरण मिल जाएगा, जबकि इससे अधिक टर्नओवर वाले बड़े व्यवसायियों को जीएसटी पंजीकरण, बिजली बिल और अन्य तकनीकी दस्तावेजों की आवश्यकता होगी।
भीलवाड़ा के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लिए यह अभियान एक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करेगा। आगामी दिनों में इस प्रकार के शिविरों का विस्तार उपखंड और कस्बा स्तर तक भी किया जाएगा, जिससे ग्रामीण अंचल के छोटे व्यापारियों को भी जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। प्रशासन की इस सक्रियता का उद्देश्य जिले के हर नागरिक तक शुद्ध खाद्य सामग्री की पहुंच सुनिश्चित करना और मिलावटखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाना है। व्यापारियों से अपील की गई है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपनी व्यावसायिक विश्वसनीयता को वैधानिक मान्यता प्रदान करें।

Pratahkal Bureau
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