भीलवाड़ा में मिलावट पर बड़ा प्रहार: 1250 किलो चटगोला-आंवला कैंडी सीज, 600 किलो दूषित सामग्री नष्ट
भीलवाड़ा में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई के दौरान 1250 किलो चटगोला और आंवला कैंडी सीज की गई, जबकि 600 किलो दूषित खाद्य सामग्री मौके पर नष्ट करवाई गई। जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

भीलवाड़ा में शुद्ध आहार–मिलावट पर वार अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने चमनपुरा बनेड़ा रोड स्थित प्रतिष्ठान पर कार्रवाई कर खाद्य सामग्री सीज की और दूषित सामग्री नष्ट कराई।
भीलवाड़ा। राज्य सरकार के ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत भीलवाड़ा में खाद्य सुरक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने मिलावटी एवं अस्वच्छ खाद्य निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक प्रतिष्ठान पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में खाद्य सामग्री सीज की गई, जबकि स्वास्थ्य के लिए जोखिम मानी गई दूषित सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया गया।
जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू के निर्देशन में बुधवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने चमनपुरा बनेड़ा रोड स्थित ‘मैसर्स हितकर न्यूट्री फूड्स’ पर औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान प्रतिष्ठान में चटगोला और आंवला कैंडी के निर्माण का कार्य संचालित पाया गया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने मौके पर मौजूद लगभग 1250 किलोग्राम चटगोला और आंवला कैंडी को सीज कर दिया। इसके अलावा परिसर में रखे छह ड्रमों में करीब 600 किलोग्राम अत्यंत दूषित खाद्य पदार्थ भी पाए गए। आमजन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विभागीय टीम ने उक्त सामग्री को तत्काल प्रभाव से नष्ट करवाया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब और खाद्य निर्माण के मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। इस संबंध में संचालक को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कार्रवाई के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक यादव के नेतृत्व में टीम ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र कर उन्हें सीलबंद किया तथा जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला, अजमेर भेजा गया है।
डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रयोगशाला रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी भी नमूने में मिलावट या खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित व्यवसायी के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई में प्रशिक्षु खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. गोवर्धन लाल कुम्हार, राजवीर सिंह, पवन कुमार और फेहद खान भी शामिल रहे। यह कार्रवाई जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों को लागू करने और मिलावट के खिलाफ प्रशासन की सख्त निगरानी का महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।

