भीलवाड़ा ईएसआई अस्पताल को केंद्र द्वारा टेकओवर करने की मांग तेज
भारतीय मजदूर संघ ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी और 100 बेड क्षमता विस्तार को लेकर इंश्योरेंस मेडिकल कमिश्नर डॉ. दीपक जोशी को ज्ञापन सौंपा।

’’भीलवाड़ा - 14 फरवरी, 2026’’
वस्त्र नगरी भीलवाड़ा में ईएसआई अस्पताल के कायाकल्प और केंद्र सरकार द्वारा इसके पूर्ण ’टेकओवर’ की मांग एक बार फिर गरमा गई है। शनिवार को नई दिल्ली से आए "इंश्योरेंस मेडिकल कमिश्नर (आईएमसी) डॉ. दीपक जोशी" के बापूनगर स्थित अस्पताल दौरे के दौरान भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने ज्ञापन सौंपकर अस्पताल की बदहाली और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
भारतीय मजदूर संघ की प्रमुख मांगें
भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री हरीश सुवालका के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल की जमीनी हकीकत से अवगत कराते हुए निम्नलिखित मांगें रखीं:
- वर्तमान 50 बेड की क्षमता को बढ़ाकर 100 किया जाये।
- अस्पताल का संचालन पूर्णतः केंद्र सरकार (ईएसआईसी) अपने हाथ में ले।
- अस्पताल में 15 में से 13 विशेषज्ञ पद खाली हैं, जिन्हें तुरंत भरा जाये।
- अस्पताल में स्वयं का आईसीयू, रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी विभाग शुरू हो ताकि मरीजों को अन्यत्र रेफर न करना पड़े।
अन्य शहरों से तुलना: भीलवाड़ा की अनदेखी
ज्ञापन में अन्य शहरों के साथ तुलना करते हुए भीलवाड़ा की अनदेखी पर तीखे सवाल उठाए गए हैं:
- ’’कोटा’’: ईएसआईसी द्वारा टेकओवर हुए 2 वर्ष बीत चुके हैं।
- ’’बीकानेर’’: पिछले 4 वर्षों से नया ईएसआई अस्पताल संचालित है।
- ’’उदयपुर’’: पिछले 8 वर्षों से सुसज्जित ईएसआईसी अस्पताल की सुविधा।
- ’’अलवर’’: कम कार्डधारक होने के बावजूद मेडिकल कॉलेज स्वीकृत।
- ’’भीलवाड़ा’’: 4 लाख कार्डधारक होने के बावजूद केवल आश्वासन।
तकनीकी अड़चन और सरकारी पत्राचार
विदित रहे कि वर्ष 2021 में ईएसआईसी मुख्यालय ने अस्पताल को केंद्र के अधीन लेने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा था। हाल ही में संसद में पूछे गए प्रश्न (संख्या 4044) के जवाब में "केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे" ने स्पष्ट किया कि टेकओवर की प्रक्रिया राज्य सरकार की सहमति पर अटकी हुई है। 29 सितंबर 2023 को हुए पत्राचार के बाद भी अब तक राज्य की ओर से अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
अधिकारियों का दौरा और आश्वासन
दौरे के दौरान डॉ. दीपक जोशी के साथ उदयपुर क्षेत्रीय कार्यालय के संयुक्त निदेशक दीपक चौरसिया भी मौजूद रहे। कमिश्नर ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना और मुख्यालय स्तर पर उचित कार्यवाही का भरोसा दिलाया। हालांकि, टेकओवर की किसी निश्चित समयसीमा पर उन्होंने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की। साथ ही रायला डिस्पेन्सरी के भी अतिशीघ्र शुरू होने का आश्वासन मिला जिससे रायपुर एवं आस-पास के औद्योगिक क्षैत्र के मजदूरों को इसका लाभ मिलेगा।
प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति
ज्ञापन के दौरान निम्नलिखित सदस्य उपस्थित थे:
- प्रभाष चौधरी (प्रदेश विधि सलाहकार)
- शंभू तेली
- भैरूलाल बैरवा
- भारतीय मजदूर संघ के अन्य प्रतिनिधिमंडल सदस्य

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
