भीलवाड़ा: बुजुर्ग महिला की हत्या का खुलासा, लूट के आरोपी गिरफ्तार
भीलवाड़ा के करेडा में 80 वर्षीय ऐजी देवी की हत्या मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा, चांदी की कड़ियां लूटने के लिए दिया था वारदात को अंजाम।

भीलवाड़ा। मानवता को शर्मसार कर देने वाले करेडा के 'ब्लाइंड मर्डर' केस में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। महज़ चांदी की चंद कडिय़ों और सोने के टॉप्स के लालच में 80 साल की बेगुनाह बुज़ुर्ग महिला ऐजी देवी की जान लेने वाले तीन आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने इलाके के खौफ को शांत कर अपराधियों में कड़ा संदेश दिया है।
घटना बीते 17 अप्रैल की है, जब शिवपुर-बटेरी मार्ग पर स्थित खेत के कमरे में अकेली रह रही ऐजी देवी को अपराधियों ने अपना निशाना बनाया। लूट के लिए मौत का जाल बुनते हुए दरिंदगी की हद पार कर आरोपियों ने बुज़ुर्ग के पैरों में पहनी चांदी की कडिय़ां लूटने के लिए उनकी बेरहमी से हत्या कर दी और शव को बकरी बांधने वाले बाड़े में फेंककर फरार हो गए। मृतका के पोते अशोक कुमार की रिपोर्ट पर पुलिस ने इस पेचीदा मामले की सघन जांच शुरू की थी।
भीलवाड़ा एसपी धर्मेंद्र सिंह के कड़े रुख के बाद करेडा थानाधिकारी पुरणमल मीणा के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम का गठन किया गया जिसे 'ऑपरेशन हंट' का नाम दिया गया। घटनास्थल सुनसान होने के कारण पुलिस के पास कोई चश्मदीद गवाह नहीं था, लेकिन टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और धरातलीय मुखबिरी का ऐसा सटीक जाल बिछाया कि हत्यारे उसमें फंसते चले गए। मनोवैज्ञानिक तरीके से हुई कड़ी पूछताछ के सामने अंततः आरोपियों ने अपना गुनाह उगल दिया।
पुलिस की गिरफ्त में आए इन गुनहगारों में बटेरी निवासी मुख्य आरोपित भगवान सिंह (28) पुत्र नाथू सिंह राजपूत, महावीर सिंह (22) पुत्र नाथू सिंह राजपूत और बंबोला निवासी रमेश भील (25) पुत्र गोपीराम भील शामिल हैं। इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में थानाधिकारी पुरण मल, सउनि रेवत सिंह (विशेष योगदान), अर्जुन सिंह, शरीफ मोहम्मद, नारायण सिंह और साइबर सेल की सराहनीय भूमिका रही। वर्तमान में पुलिस आरोपियों से लूटे गए जेवरात बरामद करने के प्रयास में जुटी है। इस खुलासे ने क्षेत्र में पुलिस के प्रति विश्वास बहाली के साथ ही जघन्य अपराधियों को सख्त चेतावनी दी है।

