भीलवाड़ा। भीलवाड़ा शहर के भीमगंज थाना क्षेत्र में गुरुवार तड़के मॉर्निंग वॉक पर निकले 60 वर्षीय सोहनलाल खटीक का शव घर से महज 300 मीटर दूर नाले में मिलने से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। पंचमुखी क्षेत्र निवासी सोहनलाल पुत्र गोरूलाल खटीक मधुमेह से पीड़ित थे और अपनी सेहत का ख्याल रखते हुए प्रतिदिन सुबह नियमित रूप से टहलने जाते थे। गुरुवार को भी वह रोज की तरह घर से मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे।

भीमगंज थाना प्रभारी सुनील चौधरी ने बताया कि काफी देर तक सोहनलाल के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। आसपास और संभावित ठिकानों पर तलाश के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उनके रिश्तेदार देवेंद्र खटीक ने भीमगंज थाने में सोहनलाल की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस उनकी तलाश में जुटी ही थी कि कुछ ही देर बाद पंचमुखी क्षेत्र के ही एक नाले में उनका शव मिलने की सूचना मिली।

सूचना मिलते ही पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंचा। शव मिलने के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने सोहनलाल की आकस्मिक मौत को लेकर किसी तरह की अनहोनी या संदेह जाहिर नहीं किया है। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया।

इसी बीच भीलवाड़ा जिले के हमीरगढ़ थाना क्षेत्र में 21 अगस्त 2020 को हुए बुजुर्ग दंपती के दोहरे हत्याकांड में अदालत ने आरोपी देवीलाल कीर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। मामला हमीरगढ़ थाना क्षेत्र के 'कीरों की झोपड़ियां' गांव का है।

परिवादी किशन लाल कीर ने 21 अगस्त 2020 को हमीरगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके माता-पिता कंकू देवी और नारू कीर रोज की तरह सुबह करीब 5 बजे नोहरे पर गायों का दूध निकालने गए थे। काफी देर तक दोनों के घर नहीं लौटने पर किशन लाल उनकी तलाश करते हुए जोहड़े पर पहुंचा, जहां दोनों के लहूलुहान शव पड़े मिले। दोनों की बेरहमी से हत्या की जा चुकी थी।

घटना के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने उसी मोहल्ले के रहने वाले देवीलाल कीर पुत्र हजारी कीर को हाथ में धारदार हथियार लेकर नोहरे की तरफ से भागते हुए देखा था। चश्मदीद गवाही और उपलब्ध सबूतों के आधार पर पुलिस ने देवीलाल को गिरफ्तार किया और अदालत में चार्जशीट पेश की।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभय कुमार जैन की अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक रघुनंदन सिंह कानावत ने पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष 15 गवाह, 45 दस्तावेज और 5 आर्टिकल्स साक्ष्य के रूप में पेश किए। पुख्ता सबूतों, गवाहों के बयानों और अपराध की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने देवीलाल कीर को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

इन दोनों घटनाओं ने भीलवाड़ा में अलग-अलग समय पर सामने आए गंभीर मामलों की तस्वीर सामने रखी है, जिनमें एक ओर मॉर्निंग वॉक पर निकले बुजुर्ग की मौत से परिवार में मातम छा गया, वहीं दूसरी ओर वर्ष 2020 के दोहरे हत्याकांड में अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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