भीलवाड़ा में ईद-उल-अजहा को लेकर मुस्लिम सद्भाव सेवा समिति की विशेष अपील
शहर काजी और समिति ने स्वच्छता बनाए रखने, सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी न करने और कानूनी नियमों का कड़ाई से पालन करने के लिए मार्गदर्शक संदेश जारी किया।

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में आगामी ईद-उल-अजहा (बकरीद) के पवित्र त्योहार को लेकर तैयारियाँ तेज हो गई हैं, जहाँ इस बार भी कौमी एकता, स्वच्छता और कानून व्यवस्था को सर्वोपरि रखा जा रहा है। मुस्लिम सद्भाव सेवा समिति के सदर हाजी शरीफ खान पठान एवं नायब सदर रमजान मोहम्मद (शोर घर) ने संयुक्त रूप से जिले के समस्त मुस्लिम समाज से इस मुकद्दर पर्व को पूरी अकीदत, आपसी सौहार्द और पारंपरिक सद्भाव के साथ मनाने की पुरजोर अपील की है। समाज में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए शहर काजी मुफ्ती अशरफ जिलानी अजहरी साहब ने भी समाज के तमाम लोगों के लिए एक विशेष हिदायत और मार्गदर्शक संदेश जारी किया है, ताकि त्योहार की रूह और कानून की गरिमा दोनों अक्षुण्ण बनी रहें।
इस पावन मौके पर गहरा वैचारिक संदेश देते हुए समिति के सदर हाजी शरीफ खान पठान ने कहा कि ईद-अल-अजहा का यह मुकद्दर पर्व मुख्य रूप से पैगंबर हजरत इब्राहिम अलैहिस सलाम और हजरत इस्माइल अलैहिस सलाम की बेमिसाल कुर्बानी, अद्वितीय सब्र (धैर्य) और अल्लाह ताला की रजा के सामने खुद को पूरी तरह सुपुर्द कर देने की महान तालीम देता है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि हमें इस पर्व की वास्तविक रूह को गहराई से समझते हुए संपूर्ण समाज में अमन, चैन और भाईचारे का संदेश प्रसारित करना चाहिए।
इसी पावन भावना के अंतर्गत त्योहार को पूरी तरह शांतिपूर्ण, मर्यादित और स्वच्छ माहौल में संपन्न कराने के लिए समिति और शहर काजी द्वारा बेहद कड़े और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। समाज के लोगों को विशेष रूप से हिदायत दी गई है कि कुर्बानी का अमल खुले में या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर हरगिज न किया जाए, बल्कि इसके लिए केवल बंद, सुरक्षित और मुकदस (तय) जगहों का ही इस्तेमाल होना चाहिए। इसके साथ ही कानूनी पहलुओं और धार्मिक मर्यादाओं का सम्मान करते हुए यह सख्त हिदायत दी गई है कि कानूनन प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी कतई न की जाए। स्वच्छता के प्रति पूरी जिम्मेदारी दिखाते हुए कहा गया है कि कुर्बानी के बाद बचे हुए अवशेषों को यहाँ-वहाँ खुले में बिल्कुल न फेंकें, बल्कि उन्हें सही तरीके से गहरा गड्ढा खोदकर मिट्टी में दफन किया जाए। इस बात का भी विशेष ध्यान रखा जाए कि कुर्बानी के जानवर का खून नालियों और सड़कों पर न बहे, जिससे गंदगी या बीमारी फैलने का कोई खतरा पैदा हो। इस प्रकार, त्योहार मनाते समय अपने आस-पड़ोस के माहौल और दूसरे मजहब के लोगों की भावनाओं, सुविधा तथा आपसी भाईचारे का पूरा ख्याल रखना ही इस पर्व की असली सार्थकता को सिद्ध करेगा।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
