भीलवाड़ा: डॉक्टर से 90 लाख की फिरौती और युवक की संदिग्ध मौत पर हंगामा
आरसी व्यास कॉलोनी के चिकित्सक से अश्लील वीडियो के नाम पर मांगी रंगदारी, वहीं जागदरी में युवक के शरीर पर चोट के निशान देख ग्रामीणों ने रोका अंतिम संस्कार।

7 सेकंड का वीडियो और 'बर्बादी' का अल्टीमेटम
पीडि़त डॉ. अभिषेक पंवार (44) निवासी आरसी व्यास कॉलोनी ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि ब्लैकमेलिंग का यह खेल 9 दिसंबर 2025 से शुरू हुआ।
- सबसे पहले उनके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से कॉल और 7 सेकंड का एक संदिग्ध वीडियो आया।
- बदमाश ने ऑडियो मैसेज भेजकर सीधा हमला बोला— "डिमांड भेज रहा हूं, समझ लेना। वरना नौकरी भी जाएगी और पत्नी भी छोड़ देगी।"
आधी रात को धमकियां और अस्पताल स्टाफ पर शक
डॉक्टर ने बताया कि ब्लैकमेलिंग यहीं नहीं रुकी। 17 जनवरी 2026 की रात करीब 2:48 बजे दूसरे नंबर से धमकियों की बौछार शुरू हो गई। बदमाश ने एक 'न्यूज' जैसा मैसेज बनाकर भेजा और कहा कि इसे वायरल करने में सिर्फ 10 मिनट लगेंगे। इसके बाद दोपहर में कॉल कर 90 लाख रुपये की मांग की गई। डॉक्टर ने आशंका जताई है कि इस पूरी साजिश में उनके ही निजी अस्पताल के कुछ कर्मचारी शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने उनकी रेकी की या जानकारी लीक की।
पुलिस एक्शन: बीएनएस और आईटी एक्ट में केस दर्ज
सुभाष नगर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निम्नलिखित धाराओं में एफआईआर दर्ज की है:
- भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 308(2), 308(5), 61(2)
- 67A आईटी एक्ट
मामले की जांच कैलाश कुमार विश्नोई को सौंपी गई है। पुलिस अब उन मोबाइल नंबरों की सीडीआर खंगाल रही है जिनसे कॉल और मैसेज आए थे।
मामला 2: जागदरी में कोहराम-श्मशान घाट पर रुका अंतिम संस्कार
भीलवाड़ा जिले के कारोई थाना क्षेत्र के गुरला के समीप सेतुरिया ग्राम पंचायत के जागदरी गांव में बुधवार को उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद उसके शरीर पर चोट के निशान मिले। मृतक की पहचान संजय बारेठ पुत्र भंवर बारेठ के रूप में हुई है। मामला तब और गरमा गया जब ग्रामीण शव को मुखाग्नि देने ही वाले थे, लेकिन संदिग्ध परिस्थितियों को देख दाह संस्कार रोक दिया गया।
अंतिम विदाई के वक्त खुलासा और विरोध प्रदर्शन
संजय की मौत को शुरुआती तौर पर सामान्य माना जा रहा था। परिजन और ग्रामीण शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान लेकर पहुंचे थे। जैसे ही शव को अंतिम स्नान और क्रिया के लिए तैयार किया गया, ग्रामीणों की नजर मृतक के शरीर पर मौजूद गंभीर चोट के निशानों पर पड़ी। यह देखते ही वहां हडक़ंप मच गया। परिजनों ने तुरंत हत्या की आशंका जताते हुए दाह संस्कार करने से साफ मना कर दिया और मौके पर ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कारोई पुलिस और प्रशासन की स्थिति
हंगामे और भारी आक्रोश की सूचना मिलते ही कारोई थाना पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंची। ग्रामीणों का साफ कहना है कि यह सामान्य मौत नहीं है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग को लेकर श्मशान घाट पर ही डेरा डाल दिया। फिलहाल मौके पर भीड़ जमा है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत करवाया।
बस में सफर के दौरान टूटी सांसें
थाना प्रभारी महावीर प्रसाद के अनुसार, मौके पर लोगों का कहना था कि:
- संजय, महाराष्ट्र के जलगांव में मजदूरी करता था।
- वह 3 फरवरी को ही गांव से वहां गया था, जहाँ कुछ दिन पहले उसकी तबीयत खराब हो गई।
- वह बस में बैठकर भीलवाड़ा आ रहा था और उसके साथ एक और व्यक्ति भी था।
- रतलाम के आस-पास संजय की मौत हो गई, जिसके बाद शव को गांव ले जाया गया था।
हालांकि परिजनों ने फिलहाल पुलिस को कोई रिपोर्ट नहीं दी है, रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो पायेगी।

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