भीलवाड़ा: रिश्वतखोर लाइनमैन को 11 साल बाद 4 साल की जेल
एसीबी कोर्ट के न्यायाधीश पवन कुमार सिंघल ने डिस्कॉम के लाइनमैन मूलचंद माली को 850 रुपये की रिश्वत लेने के मामले में कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।

भ्रष्टाचार निरोधक मामलों की विशेष अदालत (एसीबी कोर्ट) के न्यायाधीश पवन कुमार सिंघल ने 11 साल पुराने रिश्वत प्रकरण में बड़ा फैसला सुनाते हुए डिस्कॉम के लाइनमैन (हेल्पर प्रथम) मूलचंद माली को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को चार साल के कठोर कारावास और सात हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। मामले में विशिष्ट लोक अभियोजक राजेश कुमार अग्रवाल ने प्रभावी पैरवी करते हुए अदालत के समक्ष 16 गवाहों के बयान दर्ज करवाए और 40 महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश कर आरोपी के खिलाफ आरोप सिद्ध किए।
मामला वर्ष 2015 का है। परिवादी नारायण सिंह शक्तावत ने 23 जून 2015 को तत्कालीन एसीबी उप अधीक्षक कृष्णकांत शर्मा के समक्ष लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि ग्राम आमली (बनेड़ा) में उनकी दिवंगत दादी मां मांगी राजपूत के नाम से कृषि बिजली कनेक्शन था। जून माह का बिजली बिल 22 जून 2015 को जमा कराया जाना था, लेकिन उससे 3-4 दिन पहले ही बनेड़ा ग्रिड पर तैनात लाइनमैन मूलचंद माली ने कनेक्शन काट दिया।
परिवादी ने 22 जून को बिजली बिल जमा करवाने के बाद लाइनमैन मूलचंद माली से फोन पर संपर्क किया। आरोप है कि आरोपी ने दोबारा कनेक्शन जोड़ने की एवज में 650 रुपये की रसीद कटवाने और 200 रुपये स्वयं के ‘तेल-पानी’ खर्च के नाम पर रिश्वत मांगी। परिवादी रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था और उसने आरोपी को रंगे हाथ पकड़वाने का निर्णय लिया।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी टीम ने मांग सत्यापन की कार्रवाई शुरू की। कांस्टेबल रामपाल के जरिए मालखाने से डिजिटल वॉइस रिकॉर्डर मंगवाया गया। परिवादी नारायण सिंह ने अपने मोबाइल से आरोपी मूलचंद माली को फोन लगाया और बातचीत को हैंड्स-फ्री मोड पर रिकॉर्ड किया गया। रिकॉर्डिंग में आरोपी स्पष्ट रूप से 650 रुपये की रसीद और 200 रुपये स्वयं के लिए लाने की बात कहते सुनाई दिया। मांग सत्यापित होने के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना तैयार की।
कार्रवाई में सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कनिष्ठ लिपिक अब्राहम सकरिया और शक्ति सिंह झाला को स्वतंत्र गवाह बनाया गया। परिवादी ने रिश्वत राशि के रूप में 850 रुपये पेश किए, जिसमें 500 रुपये का एक नोट, 100 रुपये के तीन नोट और 50 रुपये का एक नोट शामिल था। कांस्टेबल गणपत सिंह ने नोटों पर गोपनीय रासायनिक फिनोफ्थलीन पाउडर लगाया और नोटों के नंबर डायरी में दर्ज किए।
इसके बाद एसीबी टीम सरकारी वाहन आरजे 14 यूसी 8904 से ग्राम आमली के लिए रवाना हुई। रास्ते में आरोपी से दोबारा फोन पर संपर्क किया गया। आरोपी ने पहले कालसांस होने की बात कही, बाद में परिवादी को खेत के पास स्थित ‘कैंची’ तिराहे पर बुलाया। दोपहर करीब 2:55 बजे आरोपी मूलचंद माली मौके पर पहुंचा और परिवादी से 850 रुपये की रिश्वत राशि स्वीकार कर ली। तय संकेत मिलते ही एसीबी टीम ने दबिश देकर आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया।
जांच के दौरान आरोपी के दोनों हाथों को सोडियम कार्बोनेट घोल से धुलवाया गया। आरोपी के दाहिने हाथ की धुलाई का रंग हल्का गुलाबी हो गया, जो रिश्वत के नोट छूने का वैज्ञानिक प्रमाण माना गया। आरोपी की शर्ट की बाईं जेब से वही रिश्वत राशि बरामद की गई, जिसके नंबर पूर्व में दर्ज किए गए थे।
कार्रवाई के दौरान ग्राम आमली के पथरीले रास्तों और अचानक बिगड़े बारिश के मौसम के कारण एसीबी टीम आरोपी को लेकर भीलवाड़ा कार्यालय पहुंची। वहां कंप्यूटर से डिजिटल वॉइस रिकॉर्डर को कनेक्ट कर फर्द तैयार की गई तथा तीन अलग-अलग ट्रांसक्रिप्ट सीडी मार्क बी, सी और डी बनाई गईं। इसके बाद आरोपी के बनेड़ा स्थित रिहायशी मकान की भी तलाशी ली गई। आरोपी मूलचंद पुत्र नारू माली निवासी मांडल गेट, बनेड़ा को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था।
करीब 11 साल तक चले इस मामले में एसीबी कोर्ट का फैसला भ्रष्टाचार के मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, रिकॉर्डेड बातचीत, गवाहों के बयान और दस्तावेजी प्रमाणों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए चार साल की सजा सुनाई।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
