भीलवाड़ा: गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर भक्तिमय उल्लास, कल सजेगा विशाल नगर कीर्तन
भीलवाड़ा में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर 3 जनवरी को गुरुद्वारा सिन्धुनगर से विशाल नगर कीर्तन निकाला जाएगा। पंज प्यारों की अगुवाई में निकलने वाली इस शोभा यात्रा, भव्य आतिशबाजी और 6 जनवरी तक चलने वाले विशेष कीर्तन दीवान की पूरी जानकारी पढ़ें। लुधियाना के जत्थे संग भक्तिमय होगा माहौल।

भीलवाड़ा। दसवंत गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के प्रकाश पर्व के पावन अवसर पर वस्त्र नगरी भीलवाड़ा पूरी तरह से गुरु की भक्ति के रंग में रंग चुकी है। सिक्ख पंथ के दसवें गुरु के जन्मोत्सव की खुशियों को साझा करने के लिए आगामी शनिवार, 3 जनवरी को भीलवाड़ा के सिन्धुनगर स्थित गुरुद्वारा साहिब से एक भव्य और विशाल शोभा यात्रा (नगर कीर्तन) का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि शहर की एकता और सेवा भाव की जीवंत तस्वीर भी पेश करेगा।
नगर कीर्तन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 'पंज प्यारों' की ओजस्वी अगुवाई में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज की सवारी निकाली जाएगी। सचिव ऋषिपाल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस शोभा यात्रा का शुभारंभ दोपहर 2 बजे गुरुद्वारा साहिब सिन्धुनगर से होगा। भक्ति और श्रद्धा का यह काफिला सिटी कोतवाली, नगर परिषद्, मुरली विलास रोड़, स्टेशन चौराहा, स्टेशन रोड़, बालाजी मार्केट, सूचना केन्द्र चौराहा और भोपाल क्लब से होते हुए सिंघल हॉस्पिटल और महावीर पार्क तक पहुंचेगा। इसके पश्चात शाम 6 बजे शोभा यात्रा पुनः गुरुद्वारा साहिब पहुंचेगी, जहाँ आकाश को गुंजायमान करती भव्य आतिशबाजी की जाएगी और संगत के लिए गुरु का लंगर अटूट वितरित होगा।
पिछले कई दिनों से कड़ाके की ठंड के बीच श्रद्धा के साथ निकाली जा रही प्रभातफेरियों का समापन भी 3 जनवरी की सुबह होगा, जिसके साथ ही श्री अखंड पाठ साहिब की पवित्र आरंभता की जाएगी। गुरुपर्व की तैयारियों को लेकर गुरुद्वारा परिसर में सेवा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। कोषाध्यक्ष गुरप्रीत सिंह ने बताया कि शनिवार के मुख्य आयोजन के लिए आज से ही साफ-सफाई और लंगर की व्यापक सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। गुरुद्वारा साहिब में विशाल खुले पांडाल सजाए गए हैं और पूरे भवन को आकर्षक विद्युत सज्जा से अलंकृत किया गया है। नगर कीर्तन के स्वागत के लिए पूरे मार्ग में जगह-जगह भव्य स्वागत द्वार स्थापित किए गए हैं।
उत्सव का यह क्रम यहीं नहीं थमेगा। 4 जनवरी को भी गुरुद्वारा साहिब में सेवा का दौर जारी रहेगा, जिसमें शाम 7.30 बजे से रात 9 बजे तक विशेष गुरबाणी कीर्तन दीवान सजाए जाएंगे। आयोजन की पराकाष्ठा 6 जनवरी को प्रकाश पर्व के मुख्य दिन पर देखने को मिलेगी। अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह सोनी ने बताया कि उस दिन प्रातः 05.30 बजे 'श्री आसा की वार' के कीर्तन के साथ ही लंगर की सेवा प्रारंभ हो जाएगी। इस आध्यात्मिक सभा में ज्ञानी करनैल सिंह जी और ज्ञानी सुखबीर सिंह जी अपनी मधुर वाणी और कीर्तन से संगत को निहाल करेंगे।
विशेष आकर्षण के रूप में लुधियाना, पंजाब से पधार रहे प्रसिद्ध कीर्तनी जत्थे के भाई अमनदीप सिंह भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे और गुरु चरणों में अपनी हाजिरी लगाएंगे। दोपहर 12.30 बजे से अटूट लंगर का वितरण होगा और दोपहर 2 बजे सामूहिक अरदास के साथ इन धार्मिक कार्यक्रमों का समापन होगा। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से इस पावन उत्सव में सम्मिलित होकर गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है। यह भव्य आयोजन भीलवाड़ा की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ने के लिए तैयार है।

Pratahkal Bureau
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