भीलवाड़ा देवरिया बालाजी आश्रम में मारूति महायज्ञ शुरू, सोमवार को पूर्णाहुति
महंत श्री कृष्ण दास महाराज के सानिध्य में विश्व कल्याण और गौ रक्षार्थ हेतु आयोजित सात दिवसीय पंच कुण्डात्मक अनुष्ठान में पंडितों द्वारा दी जा रही हैं आहुतियां।

भीलवाड़ा के मध्य स्थित देवरिया बालाजी आश्रम में आयोजित सात दिवसीय पंच कुण्डात्मक श्री मारूति महायज्ञ के दौरान यज्ञ कुंडों में विधि-विधान से आहुतियां देते श्रद्धालु और उपस्थित संतगण।
राजस्थान के भीलवाड़ा शहर के मध्य स्थित सुप्रसिद्ध धार्मिक धाम देवरिया बालाजी आश्रम इन दिनों दिव्य आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बना हुआ है। आश्रम के महंत श्री कृष्ण दास (मोनी बाबा) महाराज के पावन सानिध्य में सात दिवसीय पंच कुण्डात्मक श्री मारूति महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। बीती 19 मई से आरंभ हुआ यह श्रद्धा और आस्था का महासंगम आगामी 25 मई, सोमवार को श्री गंगादशहरा के पावन पर्व पर अभिजीत मुहुर्त में पूर्ण आहुति के साथ संपन्न होगा। इस महायज्ञ में प्रतिदिन वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दी जा रही आहुतियों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा है।
गौ रक्षार्थ एवं विश्व कल्याण के महान और पवित्र उद्देश्य को लेकर आयोजित इस मारूति महायज्ञ का संचालन प्रख्यात यज्ञाचार्य पंडित धर्मनारायण वेदाचार्य द्वारा किया जा रहा है। उनके निर्देशन में प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:30 बजे तक एवं मध्याह्न 3:00 बजे से सायंकाल 5:30 बजे तक यज्ञ कुंडों में विधि-विधान से हवन और आहुतियां दी जा रही हैं।
महायज्ञ के आध्यात्मिक और व्यावहारिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए महंत श्री कृष्ण दास (मोनी बाबा) महाराज ने कहा कि विश्व कल्याण की कामना ही इस यज्ञ का मूल उद्देश्य है। उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण साझा करते हुए बताया कि यज्ञ से न केवल धार्मिक लाभ प्राप्त होता है, बल्कि इसके अनेक वैज्ञानिक लाभ भी हैं, जो हमें विभिन्न प्रकार की बीमारियों से सुरक्षित रखते हैं। लोककल्याण की भावना ही यज्ञ का वास्तविक आधार है।
देवरिया बालाजी आश्रम के अनन्य भक्त गोपाल लाल माली ने यज्ञ की दैनिक प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि श्री मारूति महायज्ञ के अंतर्गत प्रतिदिन प्रायश्चित कर्म, दस विधि स्नान, पंचांग पूजन, देव स्थापना और आरती संपन्न की जा रही है। प्रतिदिन प्रातः काल देवपूजन के पश्चात अरणी मंथन द्वारा साक्षात अग्नि प्रकट कर हवन का शुभारंभ किया जाता है। भक्त माली ने यज्ञ के अद्भुत लाभों की चर्चा करते हुए कहा कि यज्ञ केवल एक पूजा पद्धति नहीं है, बल्कि यह जीवन को शुद्ध, पवित्र और शक्तिशाली बनाने का एक परम दिव्य माध्यम है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यज्ञ के अनुष्ठान से घरों में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, संपूर्ण वातावरण शुद्ध होता है तथा हर प्रकार की नकारात्मकता का नाश होता है। यज्ञ के माध्यम से हमारा धर्म, हमारी संस्कृति और हमारे संस्कार और अधिक सुदृढ़ होते हैं। ऐसी सनातन मान्यता है कि जहां यज्ञ का अनुष्ठान होता है, वहीं साक्षात देवताओं का वास होता है। इस भव्य आध्यात्मिक अनुष्ठान की समस्त व्यवस्थाएं, सेवाएं और देखरेख श्री मारूति महायज्ञ समिति तथा समस्त सनातनी भक्तगणों द्वारा अत्यंत श्रद्धा और समर्पण भाव से की जा रही हैं।

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