भीलवाड़ा की खेल भूमि ने एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शतरंज प्रतिभाओं का साक्षात्कार किया, जब छह दिवसीय द्वितीय भीलवाड़ा ओपन अंतर्राष्ट्रीय रेटिंग शतरंज प्रतियोगिता का समापन अत्यंत रोमांचक और ऐतिहासिक क्षणों के साथ हुआ। जिला शतरंज संघ के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में दिल्ली के शतरंज शातिर आर्यन वार्ष्णेय ने सभी नौ राउंड में लगातार जीत दर्ज कर अपराजित रहते हुए चैम्पियनशिप अपने नाम कर ली और भीलवाड़ा के खेल इतिहास में अपना नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज करा दिया।

शहर के महेश छात्रावास में आयोजित इस प्रतियोगिता में देश के 16 राज्यों से आए कुल 248 शतरंज खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें गुजरात से आए चार दृष्टिबाधित खिलाड़ी भी शामिल थे। नौ राउंड तक चली इस प्रतियोगिता में हर मुकाबला रणनीति, धैर्य और मानसिक संघर्ष का जीवंत उदाहरण रहा। आठवें राउंड के बाद ही आर्यन वार्ष्णेय की बढ़त इतनी स्पष्ट हो चुकी थी कि उनका चैम्पियन बनना तय माना जा रहा था, इसके बावजूद उन्होंने नौवें राउंड में भी पंजाब के राम प्रकाश को पराजित कर अपने दबदबे को पूरी तरह साबित किया।

प्रतियोगिता का सबसे रोचक संघर्ष नौवें राउंड में देखने को मिला, जहां आठवें राउंड के बाद साढ़े छह अंक के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर चल रहे आठ खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त कश्मकश देखने को मिली। दूसरे बोर्ड पर छत्तीसगढ़ के आशुतोष बनर्जी ने राजस्थान के अशोक कुमार बाथम की सोलहवीं चाल की गलती का लाभ उठाते हुए उन्हें मात्र 24 चालों में पराजित कर दिया। इस जीत के साथ आशुतोष बनर्जी ने साढ़े सात अंक अर्जित कर उपविजेता का स्थान प्राप्त किया। तीसरे स्थान पर दिल्ली के साइकत नाथ रहे।

प्रतियोगिता में कुल सात लाख रुपये की नगद पुरस्कार राशि 73 खिलाड़ियों में वितरित की गई। चैम्पियन आर्यन वार्ष्णेय को एक लाख रुपये, उपविजेता आशुतोष बनर्जी को 55 हजार रुपये और तृतीय स्थान पर रहे साइकत नाथ को 31 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। प्रतियोगिता के दौरान 20 लाइव शतरंज बोर्ड संचालित रहे, जिनके माध्यम से हर मुकाबला ऑनलाइन दुनिया में भी देखा गया, जिससे इस आयोजन की अंतर्राष्ट्रीय पहुंच और प्रतिष्ठा और अधिक सशक्त हुई।





नौवें राउंड के शुभारंभ से पूर्व विशिष्ट अतिथि सनदी लेखाकार राम पाल राठी एवं हर्षित बाँगड़ ने दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया तथा टेबल नंबर एक पर सांकेतिक चाल चलकर राउंड की शुरुआत की। अतिथियों का स्वागत राजस्थान शतरंज संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कैलाशचंद्र डाड, कोषाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता, जिलाध्यक्ष मुकेश गुर्जर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हीरालाल टेलर, उपाध्यक्ष कन्हैयालाल टेलर और संयुक्त सचिव सत्यनारायण पुरोहित ने किया।

समापन एवं पारितोषिक वितरण समारोह भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी, अरुण सिंह तथा सुदीवा स्पिनर्स से पुष्पेन्द्र जैन के कर कमलों से संपन्न हुआ। विधायक अशोक कोठारी ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए आयोजन की सराहना की और खिलाड़ियों को भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं। अतिथियों ने भीलवाड़ा जिला शतरंज संघ द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल शतरंज को प्रोत्साहन देते हैं, बल्कि खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी दिलाते हैं।

प्रतियोगिता में विभिन्न श्रेणियों में भी खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया गया। बेस्ट रेटिंग 1700-0 श्रेणी में भरत कुमार मूलचंदानी प्रथम, वीर कुमार द्वितीय और मानुष पटेल तृतीय रहे। बेस्ट रेटिंग 1550-0 में अर्णव सूर्या प्रथम, देवांश अश्विन जैसानी द्वितीय और नवरतन सोनी तृतीय रहे। बेस्ट अनरेटेड श्रेणी में यशस्वी जायसवाल, राघव कुमार और माजी ईशायु प्रणब विजेता रहे। वहीं बेस्ट फीमेल में शिवांगी राठौड़, बेस्ट वेटरन में महेंद्र लखियानी, बेस्ट राजस्थान में वर्णित दीक्षित और बेस्ट भीलवाड़ा में आराध्य उपाध्याय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

अतिथियों एवं शतरंज संघ के पदाधिकारियों ने चैम्पियन ट्रॉफी दिल्ली के आर्यन वार्ष्णेय को प्रदान की। इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि भीलवाड़ा शतरंज के क्षेत्र में न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है।

Pratahkal Newsroom

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