भीलवाड़ा। समूचा विश्व जब नववर्ष के स्वागत में खुशियों की नई इबारत लिख रहा था और लोग सुनहरे भविष्य की उम्मीदों के साथ एक-दूसरे को बधाइयां दे रहे थे, ठीक उसी समय भीलवाड़ा जिले के बिगोद थाना क्षेत्र में काल के क्रूर प्रहार ने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी। बजरी से भरे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रेलर ने एक इको कार को ऐसी भयावह टक्कर मारी कि नववर्ष की पहली किरण मातम के अंधेरे में तब्दील हो गई। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले सड़क हादसे में 8 माह के मासूम शिशु समेत तीन लोगों की असमय मौत हो गई, जबकि मां-बेटी अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही हैं।

हादसे की हृदय विदारक कहानी गुरुवार सुबह बिगोद क्षेत्र के पावन धाम के समीप से शुरू होती है। बिगोद थाने के हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार के मुताबिक, एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने लापरवाही पूर्वक ओवरटेक करने के प्रयास में सामने से आ रही इको कार को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर की तीव्रता इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और वह धातु के मलबे में तब्दील हो गई। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोग सहम गए और घटना स्थल पर चीख-पुकार मच गई।

इस भीषण भिड़ंत ने 8 माह के मासूम नुकुल पुत्र भागचंद धोबी और नारायण पुत्र बरदू धोबी की सांसें मौके पर ही छीन लीं। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों की सहायता से घायलों को मलबे से निकालकर तुरंत जिला अस्पताल भिजवाया। घायलों में गनिया पत्नी भागचंद धोबी, उसकी 4 वर्षीय मासूम बेटी मन्नू और भानु प्रताप पुत्र भंवर सिंह राजपूत शामिल थे। अस्पताल में उपचार के दौरान 22 वर्षीय युवक भानु प्रताप ने भी दम तोड़ दिया, जिससे इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई। वर्तमान में गनिया और उसकी छोटी बेटी मन्नू का उपचार जारी है, जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि पीड़ित महिला गनिया का पीहर मांडलगढ़ क्षेत्र में है। संभावना जताई जा रही है कि यह परिवार नववर्ष के पावन अवसर पर अपने रिश्तेदारों से मिलने और खुशियां मनाने पीहर जा रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से हटवाकर बाधित यातायात को सुचारु कराया और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

यह दुर्घटना केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि तेज रफ्तार के जुनून और सड़कों पर दौड़ते भारी वाहनों की लापरवाही का एक और भयावह प्रमाण है। एक ओर जहां पूरा जिला उत्सव के माहौल में डूबा था, वहीं इस हादसे ने न केवल प्रभावित परिवारों को उम्र भर का जख्म दे दिया, बल्कि प्रशासन और सड़क सुरक्षा नियमों की प्रभावशीलता पर भी गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। नववर्ष की पहली सुबह एक मासूम का इस दुनिया से रुखसत हो जाना पूरे भीलवाड़ा के लिए एक ऐसा दर्द है जिसे शब्दों में बयां करना नामुमकिन है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story