भीम आर्मी प्रमुख ने प्रतापनगर पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगाते हुए दोषियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार के लिए सुरक्षा की मांग की है।

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में एक दलित युवक के साथ हुई कथित पुलिस प्रताड़ना और न्याय में विलंब के प्रकरण ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। भीम आर्मी के संस्थापक, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद ने इस घटना पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी की ‘डबल इंजन’ सरकार पर दलितों और पिछड़ों के दमन का सीधा आरोप लगाया है। आजाद ने स्पष्ट किया कि वर्तमान शासन में पीड़ित बहुजन को ही आरोपी बनाने की परिपाटी चल पड़ी है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।

घटनाक्रम के अनुसार, 28 नवंबर 2024 को सुबह लगभग 8:30 बजे मीरा सर्कल स्थित एक चिट फंड कंपनी में दलित युवक जीवन ऐरवाल पर चोरी का झूठा आरोप मढ़ा गया था। आरोप है कि कंपनी के कर्मचारियों ने युवक के साथ न केवल मारपीट की, बल्कि उसे जातिसूचक गालियां देकर मानसिक रूप से अपमानित भी किया। जब पीड़ित ने सहायता हेतु 100 नंबर पर पुलिस को सूचित किया, तो मौके पर पहुंची थाना प्रतापनगर पुलिस ने उसे संरक्षण देने के बजाय हिरासत में ले लिया। शिकायत के मुताबिक, पुलिस कस्टडी में युवक को लात-घूसों और पट्टों से बेरहमी से पीटा गया और जातिगत अपमान झेलने पर विवश किया गया। इतना ही नहीं, मानवाधिकारों का उल्लंघन करते हुए पुलिसकर्मियों ने उससे जबरन खाली कागजों पर हस्ताक्षर भी करवा लिए।

सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए बताया कि 29 नवंबर 2024 को पुलिस अधीक्षक भीलवाड़ा को लिखित शिकायत सौंपने के बावजूद अब तक दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। न्याय की यह लड़ाई तब और जटिल हो गई जब 15 जनवरी 2026 को सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी में विभाग द्वारा भ्रामक और गोलमोल प्रत्युत्तर दिए गए। इसके पश्चात 9 फरवरी 2026 को प्रथम अपील दायर की गई, किंतु आज तक न तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक हुई और न ही दोषियों के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।

एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद ने राजस्थान सरकार और मुख्यमंत्री कार्यालय से त्रिसूत्रीय मांग की है, जिसमें पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने, दोषी पुलिसकर्मियों व आरोपियों के विरुद्ध एस.सी./एस.टी. एक्ट के तहत तत्काल मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी करने और पीड़ित जीवन ऐरवाल के परिवार को सुरक्षा प्रदान करना शामिल है। आजाद ने कड़े लहजे में चेतावनी दी है कि यदि बहुजन युवाओं के विरुद्ध यह प्रताड़ना नहीं रुकी और प्रशासन ने अपना पक्षपाती रवैया नहीं बदला, तो भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी न्याय सुनिश्चित करने हेतु सड़कों पर उतरकर व्यापक जन-आंदोलन करेगी।

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