भीलवाड़ा। साइबर अपराध की काली दुनिया में सक्रिय अपराधियों ने अब रसूखदार और प्रभावशाली हस्तियों की पहचान को अपना हथियार बना लिया है। तकनीक के इस दौर में व्हाट्सएप डीपी और ट्रूकॉलर आईडी का ऐसा मायाजाल बुना गया कि समाज के प्रबुद्ध और समझदार व्यक्ति भी पल भर में झांसे में आ गए। वस्त्र नगरी भीलवाड़ा में एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ नामी व्यक्ति की पहचान चुराकर एक गिरोह ने 40 लाख रुपये की बड़ी ठगी को अंजाम दिया। पुलिस ने इस संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए जालौर जिले के एक शातिर आरोपी को धर दबोचा है, जिसके तार अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 26 जुलाई 2025 को हुई, जब भीलवाड़ा निवासी मिठ्ठा लाल के मोबाइल पर अज्ञात नंबरों से व्हाट्सएप कॉल आने शुरू हुए। कॉल करने वाले शातिर अपराधी ने अपनी व्हाट्सएप डीपी पर क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्ति पृथ्वीराज कोठारी की तस्वीर लगा रखी थी। अपराधी ने हुबहू पृथ्वीराज कोठारी बनकर मिठ्ठा लाल से बातचीत की और उनका भरोसा जीत लिया। शातिर ठग ने खुद को अहमदाबाद में होना बताया और एक आपात स्थिति का हवाला देते हुए तत्काल बड़ी धनराशि की आवश्यकता जताई। अपनी साख और रसूख का वास्ता देकर आरोपी ने परिवादी मिठ्ठा लाल को इस कदर झांसे में लिया कि उन्होंने बिना किसी संदेह के 40 लाख रुपये हवाला के जरिए अहमदाबाद भिजवा दिए। 28 जुलाई तक चले इस नाटकीय घटनाक्रम के बाद जब असलियत सामने आई, तो मिठ्ठा लाल के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्हें अहसास हुआ कि वे एक सोची-समझी साजिश और साइबर जालसाजी का शिकार हो चुके हैं।

पीड़ित मिठ्ठा लाल ने तत्काल प्रतापनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल डेटा और कॉल डिटेल्स का गहन विश्लेषण शुरू किया गया। पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि यह गिरोह केवल राजस्थान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि गुजरात, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे कई राज्यों में अपना नेटवर्क फैला चुका है। यह गिरोह बड़े ही शातिर ढंग से प्रभावशाली लोगों की पहचान का दुरुपयोग कर उनके परिचितों को निशाना बनाता था।

सटीक तकनीकी सुरागों के आधार पर पुलिस की टीम ने जालौर जिले के रामसीन थाना क्षेत्र के मोदरा निवासी ईश्वर, पुत्र सोमाराम मेघवाल को चिन्हित किया। 32 वर्षीय इस शातिर आरोपी को पुलिस ने दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने साइबर ठगी के इस हाई-टेक तरीके और गिरोह की कार्यप्रणाली को लेकर कई अहम राज उगले हैं। फिलहाल पुलिस की टीम इस गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों के लेन-देन और हवाला नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में करोड़ों रुपये की अन्य वारदातों और इस गिरोह के मास्टरमाइंड्स का भी खुलासा होगा। यह मामला आधुनिक युग में डिजिटल पहचान की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी बनकर उभरा है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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