भीलवाड़ा में साइबर ठगी: शादी और इंश्योरेंस के नाम पर ठगे 3.22 लाख
शादी डॉट कॉम पर फर्जी प्रोफाइल और फेक ऐप के जरिए मोबाइल हैक कर मजदूर व युवक से ठगी की गई।

भीलवाड़ा में साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के नए तरीकों का खुलासा किया है। शादी के नाम पर संपर्क कर एक युवक की वीडियो कॉल रिकॉर्ड करने और उसे एडिट कर ब्लैकमेल करने का आरोप है, जबकि दूसरे मामले में मोटर इंश्योरेंस बंद कराने का झांसा देकर एक मजदूर के क्रेडिट कार्ड से रकम निकाल ली गई। दोनों मामलों में पीड़ितों को कुल 3 लाख 22 हजार 437 रुपये की चपत लगी है। सुभाषनगर थाना पुलिस ने शिकायतों के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहले मामले में शादी के लिए ऑनलाइन रिश्ते की तलाश कर रहे 28 वर्षीय केशव शर्मा को कथित साइबर ठगी का शिकार बनाया गया। केशव ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उन्होंने शादी डॉट कॉम पर अपनी प्रोफाइल बना रखी है। इसी से जुड़े दूसरे प्लेटफॉर्म पर उन्हें एक युवती के नाम से कनेक्शन रिक्वेस्ट मिली। इसके बाद बातचीत शुरू हुई और कथित तौर पर अलिशा नाम की युवती ने फोन कर बेहतर परिचय के लिए वीडियो कॉल करने की बात कही।
पीड़ित के अनुसार, दोनों अलग-अलग शहरों में रहते थे, इसलिए उन्होंने वीडियो कॉल कर ली। आरोप है कि इसी कॉल को रिकॉर्ड कर एडिट किया गया और बाद में तैयार की गई सामग्री के जरिए उन्हें ब्लैकमेल कर रुपये वसूले गए। ठगों ने अलग-अलग बार यूपीआई और आईएमपीएस के माध्यम से कुल 1 लाख 73 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए। अचानक हुई घटनाओं से घबराए केशव को उस समय समझ नहीं आया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में राजस्थान साइबर पुलिस स्टेशन से ई-मेल के जरिए जीरो एफआईआर प्राप्त हुई। पीड़ित केशव शर्मा की रिपोर्ट के संबंध में एफआईआर संख्या 2901/26 दिनांक 4 नवंबर 2026 के आधार पर सुभाषनगर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2) और 319(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच सहायक उपनिरीक्षक घीसालाल को सौंपी गई है।
दूसरे मामले में साइबर ठगों ने मोटर इंश्योरेंस बंद कराने के बहाने सुभाषनगर क्षेत्र में हीरा फैक्ट्री के पास रहने वाले 52 वर्षीय रामप्रसाद धोबी को निशाना बनाया। आरोप है कि ठगों ने आरएलबी बैंक जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट के जरिए उनके मोबाइल पर एप्लीकेशन डाउनलोड करवाया और इसके बाद क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 49 हजार 437 रुपये निकाल लिए।
रामप्रसाद ने पुलिस को बताया कि 3 नवंबर को उनके पास एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था। कॉल करने वाले ने मोटर इंश्योरेंस बंद कराने की बात कही और गूगल पर आरएलबी बैंक जैसी दिखने वाली वेबसाइट खोलकर एप्लीकेशन डाउनलोड करवाया। एप्लीकेशन खोलने के लिए उनसे पैन नंबर और जन्मतिथि दर्ज करवाई गई। आरोप है कि इसके बाद उनके मोबाइल फोन पर ठगों ने नियंत्रण हासिल कर लिया। फोन करने वाले ने कहा कि 20 मिनट में इंश्योरेंस बंद हो जाएगा और फिर कॉल काट दी।
करीब 30 मिनट बाद रामप्रसाद के मोबाइल पर क्रेडिट कार्ड से भुगतान कटने के मैसेज आने लगे। रिपोर्ट के मुताबिक, दोपहर 1:30 बजे 99,861.50 रुपये, दोपहर 1:32 बजे 48,386.50 रुपये और दोपहर 1:57 बजे 1,189 रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ। इस तरह तीन अलग-अलग लेनदेन में कुल 1,49,437 रुपये निकाल लिए गए।
पीड़ित ने तत्काल बैंक की कस्टमर सर्विस से संपर्क कर भुगतान रोकने की मांग की, लेकिन उनके मुताबिक बैंक ने भुगतान होल्ड करने से इनकार कर दिया। इस दौरान शिकायत के संदर्भ नंबर भी दर्ज करवाए गए। रामप्रसाद ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि किसी को भी अपनी आईडी या पासवर्ड नहीं बताया था, इसके बावजूद एप्लीकेशन डाउनलोड करने के बाद उनका मोबाइल हैक हो गया।
मजदूरी कर परिवार चलाने वाले रामप्रसाद ने साइबर ठगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और निकाली गई रकम वापस दिलाने की मांग की है। सुभाषनगर थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।
दोनों घटनाएं ऑनलाइन संपर्क और अनजान लोगों के भेजे गए लिंक या एप्लीकेशन के जरिए होने वाली साइबर ठगी के तरीकों को सामने लाती हैं। ऑनलाइन रिश्तों के दौरान अनजान लोगों से वीडियो कॉल करते समय सतर्क रहना जरूरी है। वीडियो कॉल से जुड़ी किसी भी सामग्री के आधार पर धमकी या ब्लैकमेलिंग होने पर घबराकर रकम ट्रांसफर नहीं करनी चाहिए। इसी तरह बैंक या बीमा संबंधी काम के लिए अनजान कॉल पर कोई एप्लीकेशन डाउनलोड नहीं करना चाहिए और बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप के अलावा किसी लिंक पर पैन नंबर, जन्मतिथि, कार्ड विवरण अथवा अन्य संवेदनशील जानकारी दर्ज करने से बचना चाहिए। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
