भीलवाड़ा में बुजुर्ग के खाते से ₹7 लाख उड़ाने वाला साइबर ठग अलवर से गिरफ्तार
भीलवाड़ा जिला पुलिस ने फर्जी सिम के जरिए यूपीआई आईडी बनाकर बुजुर्ग का बैंक खाता खाली करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के मुख्य सरगना को मेवात के बीहड़ों से दबोचा।

भीलवाड़ा जिला पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी सिम के जरिए यूपीआई आईडी बनाकर एक बुजुर्ग के बैंक खाते से लाखों रुपये उड़ाने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के मुख्य सरगना को अलवर के मेवात क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। तकनीकी अनुसंधान और साइबर फुटप्रिंट्स के आधार पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपी को मेवात के बीहड़ों से दबोचा।
भीलवाड़ा जिला पुलिस अधीक्षक सागर राणा (IPS) के आदेशानुसार तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) पारस जैन के निर्देशन में साइबर थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की। साइबर थानाधिकारी रामशरण (पु.नि.) के नेतृत्व में गठित विशेष तकनीकी टीम ने आरोपी तक पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब करेड़ा थाना क्षेत्र के बडडु निवासी 75 वर्षीय नाथु सिंह ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। नाथु सिंह का बैंक ऑफ बड़ौदा की करेड़ा शाखा में बचत खाता है। 5 मार्च 2025 को उनके खाते में कुल ₹7,25,683 जमा थे। उस दिन उन्होंने बैंक जाकर स्वयं ₹20,000 निकाले, जिसके बाद खाते में ₹7,05,683 शेष रहे।
पीड़ित ने न तो कभी एंड्रॉइड फोन का उपयोग किया, न एटीएम कार्ड लिया और न ही किसी के साथ ओटीपी साझा किया। इसके बावजूद जब वह 5 जून 2025 को बैंक डायरी एंट्री कराने पहुंचे तो उनके खाते में केवल ₹1,063.59 शेष मिले। बैंक स्टेटमेंट की जांच में सामने आया कि शातिर ठगों ने फर्जी सिम के जरिए यूपीआई (UPI) आईडी बनाकर खाते से पूरी राशि ट्रांसफर कर ली।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान शुरू किया और साइबर फुटप्रिंट्स के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद पुलिस टीम ने अलवर के मेवात क्षेत्र में दबिश देकर मुख्य आरोपी कायम खान पुत्र रूद्दार खान मेव निवासी घाटी का बास, चांदौली, थाना विजय मंदिर, जिला अलवर को डिटेन कर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने इस संबंध में साइबर थाने पर प्रकरण संख्या 10/2025 दर्ज किया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) तथा आईटी एक्ट (संशोधन 2008) की धारा 66 डी के तहत अनुसंधान किया जा रहा है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है कि फर्जी सिम कहां से हासिल की गई और इस साइबर गिरोह में उसके साथ अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
अंतरराज्यीय साइबर ठगी के इस मामले में मुख्य सरगना की गिरफ्तारी को भीलवाड़ा पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। जांच आगे बढ़ने के साथ पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और साइबर ठगी के तरीकों का भी खुलासा होने की संभावना है।

Pratahkal Bureau
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