भीलवाड़ा: करोड़ों की लागत, चंद घंटों की बारिश और भ्रष्टाचार की बहती गंगा; गंगापुर चौराहे ने खोली सिस्टम की पोल
भीलवाड़ा के गंगापुर चौराहे पर UIT द्वारा बनाई गई करोड़ों की सड़क पहली ही बारिश में डूबी। सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद हारून रंगरेज ने निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार और गलत नाली निर्माण का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। जानिए कैसे नगर निगम और यूआईटी की लापरवाही ने जनता के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है और क्या है पूरा मामला।

भीलवाड़ा। राजस्थान के वस्त्रनगरी भीलवाड़ा में विकास के बड़े-बड़े दावों की हवा पहली ही हल्की बारिश ने निकाल कर रख दी है। नगर विकास न्यास (UIT) और नगर निगम के तालमेल की कमी और निर्माण कार्यों में बरती गई कथित लापरवाही का जीवंत प्रमाण आज गंगापुर चौराहे पर देखने को मिला। लाखों-करोड़ों रुपये की लागत से हाल ही में तैयार की गई चकाचक सड़क महज कुछ घंटों की बरसात में लबालब होकर तालाब में तब्दील हो गई, जिसने प्रशासनिक शुचिता और इंजीनियरिंग की गुणवत्ता पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
जिस उद्देश्य के साथ इस महत्वपूर्ण मार्ग का पुनरुद्धार किया गया था, वह पहली ही परीक्षा में विफल साबित हुआ। स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए यह सड़क अब सुविधा के बजाय दुविधा का सबब बन चुकी है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान तकनीकी मापदंडों को पूरी तरह दरकिनार किया गया। सबसे चौंकाने वाला पहलू जल निकासी की व्यवस्था है; नियमों के विपरीत नाली का निर्माण मकानों की दिशा में करने के बजाय सड़क की ओर कर दिया गया। इस तकनीकी खामी का नतीजा यह है कि पानी निकलने के बजाय सड़क पर ही जमा हो रहा है, जिससे न केवल यातायात बाधित हो रहा है बल्कि दुर्घटनाओं का अंदेशा भी बढ़ गया है।
इस बदहाली को लेकर क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता और युवा नेता मोहम्मद हारून रंगरेज ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से रोष प्रकट करते हुए प्रशासन को आड़े हाथों लिया। मोहम्मद हारून रंगरेज ने कहा कि यह केवल एक तकनीकी चूक नहीं, बल्कि जनता की गाढ़ी कमाई की खुली लूट है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये स्वाहा करने के बाद भी अगर पहली बारिश में सड़क की यह स्थिति है, तो यह भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के गहरे दलदल को उजागर करता है। रंगरेज ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाते हुए दोषी अधिकारियों और लापरवाह ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई का आह्वान किया है।
युवा नेता ने भीलवाड़ा की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब नागरिकों को अपने अधिकारों और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के खिलाफ आवाज बुलंद करनी होगी। उन्होंने चेताया कि यदि अब भी चुप्पी नहीं तोड़ी गई, तो इसी तरह जनता का पैसा भ्रष्ट तंत्र की भेंट चढ़ता रहेगा। फिलहाल, गंगापुर चौराहे का यह जलभराव प्रशासन की कार्यशैली पर एक बड़ा दाग बन गया है। अब देखना यह होगा कि क्या जिला प्रशासन और संबंधित विभाग इस पर कोई त्वरित संज्ञान लेते हैं या भीलवाड़ा की जनता को आने वाले मानसून में और भी विकट परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
