भीलवाड़ा: कोटड़ी में सडक़ किनारे मिला मृत भ्रूण और 25 साल से फरार आरोपी गिरफ्तार
कोटड़ी थाना क्षेत्र के मालीखेड़ा में पुलिस ने लावारिस मृत भ्रूण बरामद कर मामला दर्ज किया, वहीं बिजौलिया पुलिस ने डकैती के पुराने मामले में वांछित अपराधी को पकड़ा।

भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में शुक्रवार को ममता को कलंकित और रूह को कंपा देने वाला एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। कोटड़ी थाना क्षेत्र के मालीखेड़ा गांव में सडक़ किनारे एक पूर्ण विकसित मृत भ्रूण मिलने से समूचे इलाके में सनसनी फैल गई। इस हृदयविदारक मंजर को देखकर राहगीरों की रूह कांप उठी और हर कोई इस निर्दयी कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करता नजर आया। थाना प्रभारी महावीरप्रसाद मीणा ने बताया कि शुक्रवार को राहगीरों द्वारा मालीखेड़ा गांव के पास सडक़ किनारे भ्रूण पड़े होने की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी की और गहन छानबीन शुरू की। मौके पर करीब नौ माह का एक पूर्ण विकसित 'मेल' भ्रूण पाया गया।
प्रारंभिक जांच और घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए यह स्पष्ट प्रतीत हो रहा है कि शुक्रवार को ही किसी महिला ने इसे जन्म दिया और लोक-लाज या किन्हीं अन्य अज्ञात कारणों के चलते इस नवजात को लावारिस हालत में सडक़ किनारे फेंक कर फरार हो गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए भ्रूण का पोस्टमार्टम करवाया और तत्पश्चात सम्मानजनक तरीके से उसे दफना दिया। इस जघन्य अपराध को लेकर अज्ञात कुमाता के खिलाफ भ्रूण हत्या की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। वर्तमान में पुलिस आसपास के क्षेत्रों के अस्पतालों और प्रसूति केंद्रों के रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि उस निर्दयी महिला की शिनाख्त कर उसे गिरफ्तार किया जा सके, जिसने ममता का गला घोंटकर इस मासूम को मौत के मुंह में धकेल दिया।
इसी कड़ी में, वांछित अपराधियों की धरपकड़ हेतु चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत बिजौलिया थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने डकैती के एक मामले में पिछले 25 वर्षों से फरार चल रहे शातिर स्थाई वारंटी नानिया भील को मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी नानिया (51) पुत्र उंकार भील, निवासी बिजलपुर, थाना कल्याणपुरा, जिला झाबुआ (म.प्र.) का रहने वाला है, जो ढाई दशक से पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर अपनी फरारी काट रहा था। आरोपी माननीय एडीजे कोर्ट भीलवाड़ा में डकैती के एक गंभीर प्रकरण में लंबे समय से वांछित था। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। इस कामयाबी में बिजौलिया थाने के सउनि लक्ष्मण सिंह और उनकी टीम की मुख्य भूमिका रही, जिन्होंने झाबुआ में डेरा डालकर गोपनीय सूचनाओं के आधार पर घेराबंदी कर आरोपी को दस्तयाब किया। पुलिस अब आरोपी को न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही है।

