भीलवाड़ा: प्रेमचंद हत्याकांड में पत्नी गिरफ्तार और फैक्ट्री मैनेजर की संदिग्ध मौत
पुलिस ने हत्याकांड की सह-आरोपी को पकड़ा, वहीं फैक्ट्री मैनेजर की मौत पर परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी के बाहर एकत्रित मृतक शिव सिंह राणावत के परिजन और समाज के लोग।
भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में अपराध और हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जहां एक ओर पुलिस ने सनसनीखेज प्रेमचंद हत्याकांड की सह-आरोपी पत्नी को दबोच लिया है, वहीं दूसरी ओर एक फैक्ट्री के जनरल मैनेजर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए चार मासूमों को बाल विवाह के दलदल में धकेले जाने से बचा लिया है।
कनेछन कलां गांव में हुए चर्चित प्रेमचंद तेली हत्याकांड में फूलियाकलां पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। बच्चों की मामूली लड़ाई के बाद हुई इस नृशंस हत्या के मामले में मुख्य आरोपित गणेश उर्फ पप्पू तेली की गिरफ्तारी के बाद अब उसकी पत्नी रेखा तेली को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी राजकुमार नायक ने वारदात का विवरण देते हुए बताया कि शुक्रवार को बच्चों के विवाद के बाद रेखा उलाहना देने प्रेमचंद के घर पहुंची थी, जिसके पीछे गणेश हाथ में कुल्हाड़ी लेकर जा धमका। आवेश में आकर गणेश ने प्रेमचंद के सिर पर कुल्हाड़ी से इतना खौफनाक वार किया कि 35 वर्षीय प्रेमचंद ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने शनिवार रात मुख्य आरोपी को पकड़ने के बाद अब अनुसंधान को आगे बढ़ाते हुए उसकी पत्नी रेखा की संलिप्तता के आधार पर उसे भी सलाखों के पीछे भेज दिया है।
इधर, गुलाबपुरा थाना क्षेत्र स्थित संगम फैक्ट्री में उस वक्त तनाव व्याप्त हो गया जब वहां के जनरल मैनेजर शिव सिंह राणावत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 50 वर्षीय शिव सिंह सोमवार सुबह ड्यूटी के लिए घर से निकले थे, लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से आक्रोशित परिजनों और समाज के लोगों ने महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी पर जोरदार प्रदर्शन किया और फैक्ट्री प्रबंधन पर शिव सिंह पर अत्यधिक मानसिक दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का दावा है कि लेबर की कमी के कारण उन पर काम का भारी बोझ था, उन्हें रविवार की छुट्टी भी नहीं दी जा रही थी और देर रात तक फोन कर प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजनों ने मृतक के बच्चों के भविष्य के लिए उचित मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए गुलाबपुरा थाना प्रभारी संजय गुर्जर के नेतृत्व में फैक्ट्री और मोर्चरी पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है।
इसी बीच, शक्करगढ़ थाना क्षेत्र के खेजडिय़ा जोजर ग्राम में प्रशासन ने बाल विवाह की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। थानाधिकारी पूरणमल मीणा, गिरदावर नंद सिंह और पटवारी इस्लाम मोहम्मद की टीम ने सूचना मिलते ही दुर्गालाल बलाई, कालू बलाई और प्रहलाद बलाई के घर पर दबिश दी, जहां विवाह की रस्में शुरू होने वाली थीं। दस्तावेजों की जांच में चार बालिकाएं नाबालिग पाई गईं, जिसके बाद टीम ने परिजनों को कानून का पाठ पढ़ाते हुए पाबंद किया। ग्रामीणों की मौजूदगी में प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि बाल विवाह में शामिल होने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अंततः सभी पिताओं से लिखित में पाबंद करवाया गया कि वे बालिकाओं का विवाह उम्र पूरी होने से पहले नहीं करेंगे, जिससे चार मासूमों का भविष्य सुरक्षित हो सका।

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