भीलवाड़ा। अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गांधीनगर थाना पुलिस ने एक युवक को अवैध देशी पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) पारस जैन व डीएसपी (सिटी) सज्जन सिंह के सुपरविजन में थानाधिकारी डॉ. नेहा राव के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। गश्त के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि 200 फीट रोड पर ओसवाल एम्पायर के पास पुलिया के नीचे एक संदिग्ध युवक हथियार लेकर खड़ा है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुँची, तो पुलिस को देखकर युवक भागने लगा। टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अर्जुन मीणा (20) पुत्र रतनलाल मीणा निवासी भदाली खेड़ा बताया। तलाशी लेने पर अर्जुन मीणा के पजामे की जेब से एक अनलोडेड देशी पिस्टल बरामद हुई, जिसमें मैग्जीन लगी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अब हथियार की खरीद-फरोख्त के संबंध में गहन अनुसंधान किया जा रहा है। इस कार्रवाई में थानाधिकारी डॉ. नेहा राव, एएसआई सुनील कुमार, हेड कांस्टेबल भगवान दास आदि शामिल रहे।

भीलवाड़ा में आग का तांडव: बीच सड़क धू-धू कर जली कार

शहर के व्यस्ततम सांगानेरी गेट इलाके में शुक्रवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब रिंग रोड पर खड़ी एक कार अचानक 'आग का गोला' बन गई। आग इतनी भीषण थी कि इसकी लपटों ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे इलाके में हडक़ंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शी मुकेश प्रजापत के अनुसार, "सांगानेरी गेट रिंग रोड पर खड़ी इस कार में अचानक आग लग गई।" चूंकि यह क्षेत्र एक व्यावसायिक केंद्र के साथ-साथ आवासीय क्षेत्र है, इसलिए जैसे ही आग की ऊंची लपटें उठीं, आस-पास के दुकानदारों और व्यापारियों के साथ ही यहां के बाशिंदों में अपनी जान बचाने की होड़ मच गई। एक बारगी यहां अफरा-तफरी जैसी स्थिति पैदा हो गई और लोग अपनी दुकानों को बचाने की चिंता में डूब गए। सांगानेरी गेट जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में ऐसी घटना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती है, शुक्र है कि आग व्यावसायिक परिसरों तक नहीं फैली वरना बड़ा हादसा हो सकता था।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की 2 गाडिय़ां मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों और फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाने की जद्दोजहद शुरू की गई। गनीमत रही कि इस भीषण अग्निकांड में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि कार का आधा हिस्सा जल गया। आखिर खड़ी कार में अचानक इतनी भयानक आग कैसे लगी? यह अभी भी एक रहस्य बना हुआ है। क्या यह शॉर्ट सर्किट था या इसके पीछे कोई और वजह रही? खास बात यह है कि आवासीय और व्यवसायिक इलाके में हुई इस घटना से सुभाषनगर और भीमगंज थानों की पुलिस अनभिज्ञ रही।

पिता ने पुत्र पर कुल्हाड़ी से किया था जानलेवा हमला, न्यायालय ने सुनाई सजा

अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या 3 (शिविर मांडलगढ़) अमित कुमार ने हत्या के प्रयास के एक मामले में सतीश कुमार उर्फ मोंटू शर्मा को 4 वर्ष के कठोर कारावास और 50,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। आरोपित पर, बेटे पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला करने का आरोप है। प्रकरण के तथ्यों के अनुसार, मामला थाना बीगोद क्षेत्र के ग्राम खटवाड़ा का है। आरोपित सतीश कुमार शर्मा अपनी पुश्तैनी संपत्ति पर स्थित बबूल के पेड़ को काट रहा रहा था। इसी दौरान उसका पुत्र रमेश वहां पहुंचा और उसने पेड़ काटने से मना किया। इस बात से आक्रोशित होकर सतीश कुमार शर्मा ने अपने ही पुत्र की गर्दन पर कुल्हाड़ी से जानलेवा वार कर दिया था।

हमले में रमेश गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत उपचार हेतु बीगोद ले जाया गया। हालत नाजुक होने के कारण उसे वहां से भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय और फिर बेहतर उपचार के लिए उदयपुर रेफर किया गया। इस संबंध में बीगोद पुलिस ने दो अक्टूबर 2014 को प्रकरण दर्ज कर पुलिस ने धारा 307, 341, 323 और 324 के तहत अनुसंधान पूर्ण कर 19 नवंबर 2014 को चालान न्यायालय में पेश किया। न्यायाधीश अमित कुमार ने अभियुक्त सतीश कुमार शर्मा को हत्या के प्रयास (धारा 307) सहित अन्य धाराओं में दोष सिद्ध करते हुए 4 वर्ष के कारावास और 52 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। विचारण के दौरान लोक अभियोजन अधिकारी अनुराग आचार्य ने न्यायालय में 12 गवाह और 11 दस्तावेजी साक्ष्य पेश कर प्रभावी पैरवी की। अभियोजन पक्ष के तर्कों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने माना कि आरोपित ने परिवादी की हत्या करने के आशय से बेरहमी से वार कर गंभीर चोटें पहुंचाई थीं।

Pratahkal Bureau

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