भीलवाड़ा के चेक बाउंस मामले में अदालत ने आरोपी को 6 माह की जेल और ₹70 हजार प्रतिकर का आदेश दिया। जानिए कोर्ट ने किस आधार पर सुनाया फैसला।

भीलवाड़ा की विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-4 न्यायालय ने चेक अनादरण (बाउंस) के एक मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 6 माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय की पीठासीन अधिकारी नेहा चौहान ने आरोपी पर ₹70 हजार का प्रतिकर भी लगाया है, जिसे पीड़ित को देने का आदेश दिया गया है।

मामले की जानकारी देते हुए परिवादी के अधिवक्ता बालकृष्ण पुरोहित ने बताया कि तिलक नगर, भीलवाड़ा निवासी अश्विनी कुमार शर्मा ने सलाम मोहम्मद के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दायर किया था। आरोपी सलाम मोहम्मद (50 वर्ष), पुत्र शौकत अली, निवासी मोहम्मद कॉलोनी, शास्त्रीनगर के विरुद्ध यह परिवाद प्रस्तुत किया गया।

परिवाद के अनुसार आरोपी सलाम मोहम्मद ने 23 नवंबर 2021 को परिवादी अश्विनी कुमार शर्मा को ₹45 हजार का एक चेक दिया था। जब परिवादी ने इस चेक को भुगतान के लिए बैंक में प्रस्तुत किया तो बैंक ने "अकाउंट क्लोज्ड" (खाता बंद) होने की टिप्पणी के साथ चेक को बिना भुगतान किए अनादरित लौटाया।

मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने परिवादी की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों और अधिवक्ता के तर्कों को स्वीकार करते हुए आरोपी को परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत दोषी पाया। इसके बाद न्यायालय ने आरोपी को 6 माह के साधारण कारावास की सजा सुनाने के साथ पीड़ित को ₹70 हजार का प्रतिकर देने का आदेश दिया।

न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि यदि दोषी सलाम मोहम्मद ₹70 हजार की प्रतिकर राशि जमा नहीं कराता है, तो उसे 3 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। इस निर्णय के साथ न्यायालय ने चेक अनादरण के मामले में दोष सिद्ध होने पर विधिक प्रावधानों के अनुरूप सजा और प्रतिकर दोनों लागू किए।

Pratahkal Bureau

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