अमेरिका-भारत ट्रेड डील का भीलवाड़ा में विरोध: जिलाध्यक्ष ने बताया देशहित के खिलाफ
भीलवाड़ा शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिवराम जीपी खटीक ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को असंवैधानिक बताते हुए किसानों और लघु उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव की आशंका जताई।

भीलवाड़ा। आज दिनांक 26 फरवरी 2026 को भारत सरकार और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील को लेकर कांग्रेस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। जिला कांग्रेस कमेटी भीलवाड़ा शहर के जिलाध्यक्ष शिवराम जीपी खटीक ने इस समझौते को एकतरफा, असंतुलित और देशहित के विरुद्ध बताते हुए इसे अवैध एवं असंवैधानिक घोषित करने की मांग की है।
समझौते की वैधता और देशहित पर जिलाध्यक्ष के सवाल
जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह डील दबाव में ली गई और इससे अमेरिका को भारत के बाजार में मनचाहे दरों पर निर्यात का अवसर मिलेगा। उनके अनुसार इस समझौते के तहत भारत सरकार ने अमेरिका के लगभग 72 उत्पादों पर शून्य आयात शुल्क कर दिया है, जिससे देश के किसानों, छोटे उद्योगों और स्थानीय व्यापारियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
राजस्व हानि और वैश्विक निर्यात पर नकारात्मक असर की आशंका
शिवराम जीपी खटीक ने आरोप लगाया कि अमेरिका की सरकार अन्य देशों पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाएगी, जबकि भारत के निर्यात पर अधिक शुल्क वसूले जाने की आशंका है। इससे भारत के वैश्विक निर्यात पर नकारात्मक असर पड़ सकता है और वित्त मंत्रालय को राजस्व हानि होने की संभावना है। "इतने बड़े आर्थिक निर्णय लेने से पहले विपक्ष को विश्वास में लिया जाना चाहिए था," जिलाध्यक्ष ने जोर देते हुए कहा।
विभिन्न राज्यों की आजीविका और कृषक क्षमता पर संकट
उन्होंने कहा कि इस डील का असर राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्यों की आजीविका और कृषक उत्पादन क्षमता पर पड़ सकता है। शिवराम जीपी खटीक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखना चाहिए। उन्होंने इस ट्रेड डील को किसान और देश विरोधी करार देते हुए स्पष्ट किया कि कांग्रेस इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेगी।

Pratahkal Bureau
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