भीलवाड़ा जिले में एक ओर जहां पुलिस ने भैंस चोरी के बड़े मामले का खुलासा किया है, वहीं दूसरी ओर एक दर्दनाक सड़क हादसे में 19 वर्षीय युवक की जान चली गई। इसी बीच महिला आरक्षण को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है और भैराणा धाम के अस्तित्व पर मंडरा रहे संकट ने धार्मिक समाज को आंदोलन के लिए मजबूर कर दिया है। शहर में ‘रॉन्ग साइड’ ड्राइविंग की समस्या भी लगातार जानलेवा रूप लेती जा रही है।

शाहपुरा थाना पुलिस ने भैंस चोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। परिवादी फतेहपुरा निवासी रामजस गुर्जर की रिपोर्ट पर दर्ज मामले में चोर उसकी 5 भैंसें चुरा ले गए थे। पुलिस ने बीएनएस की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और बीटीएस डेटा के जरिए लगभग 5 हजार मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया। सघन जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर प्रतापपुरा निवासी नाहर खां पुत्र शौकत खां और शाहपुरा निवासी इरफान खां पुत्र चिराग खान को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त पिकअप जब्त की गई है। पुलिस अब आरोपियों से चुराई गई भैंसों की बरामदगी और गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ कर रही है, जिससे क्षेत्र की अन्य चोरी की वारदातों का भी खुलासा होने की संभावना है।

दूसरी ओर करेड़ा थाना क्षेत्र के नागा का बाडिय़ा गांव के पास एक भीषण सड़क हादसे में राजसमंद जिले के मोर्चना (राजनगर) निवासी किशन (19) पुत्र देवीलाल भील की दर्दनाक मौत हो गई। किशन मजदूरी के लिए भीलवाड़ा आया हुआ था और पैदल जा रहा था, तभी तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर के बाद वह सड़क पर गिर गया और ट्रैक्टर का भारी टायर उसके ऊपर से गुजर गया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाकर परिजनों को सूचना दी। गुरुवार को परिजनों के पहुंचने पर पोस्टमार्टम कर शव सौंप दिया गया। मृतक के चचेरे भाई दुर्गालाल भील की रिपोर्ट पर ट्रैक्टर चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

राजनीतिक मोर्चे पर भीलवाड़ा में महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देशानुसार सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेत्री नसीम अख्तर ने भाजपा सरकार पर महिला आरक्षण विधेयक को लेकर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनके हक से वंचित रखना लोकतंत्र का अपमान है और 2023 में पारित बिल को तत्काल लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि 16 अप्रैल 2026 की रात को बिल में संशोधन कर ‘परिसीमन’ के नाम पर इसे आगे बढ़ा दिया गया। कांग्रेस नेताओं ने पार्टी के महिला सशक्तिकरण के इतिहास का उल्लेख करते हुए इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी और प्रतिभा पाटिल जैसे उदाहरण दिए और चेतावनी दी कि जब तक बिल लागू नहीं होगा, तब तक सड़कों से लेकर संसद तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान पूर्व मंत्री रामलाल जाट, पूर्व विधायक गायत्री देवी, महिला कांग्रेस अध्यक्षा सुशीला सालवी सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

इधर माण्डल क्षेत्र स्थित भैराणा धाम के अस्तित्व पर संकट गहराता जा रहा है। संत शिरोमणि श्री दादूदयाल जी महाराज की पावन समाधि स्थली और दादू पंथ के ‘हरिद्वार’ कहे जाने वाले इस धाम को बचाने के लिए अखिल भारतीय श्री दादू सेवक समाज ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया कि लगभग 500 वर्ष पुरानी इस विरासत को रीको को भूमि आवंटन के कारण खतरा पैदा हो गया है। क्षेत्र में हो रहे औद्योगिक अतिक्रमण और खनन गतिविधियों से पर्वतीय संरचना को नुकसान पहुंच रहा है। समाज ने चेताया कि इससे हजारों राष्ट्रीय पक्षी मोर और अन्य वन्यजीवों का अस्तित्व संकट में है तथा पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ रहा है। मांग की गई कि भूमि आवंटन तुरंत निरस्त किया जाए, अन्यथा जन आंदोलन तेज होगा।

शहर में ‘रॉन्ग साइड’ ड्राइविंग भी गंभीर समस्या बन चुकी है। चार महीने पहले पुलिस द्वारा धारा 279 सहित आपराधिक मामलों में कार्रवाई के सख्त आदेश जारी किए जाने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। गंगापुर तिराहा से लीलैंड तिराहा मार्ग, रेलवे स्टेशन चौराहा, बस स्टैंड चौराहा, श्रीगेस्ट हाउस चौराहा, अजमेर तिराहा, अंडरब्रिज और रेलवे फाटक जैसे क्षेत्रों में लगातार नियमों की अनदेखी हो रही है। वाहन चालक समय बचाने के लिए गलत दिशा में वाहन चलाकर न केवल खुद बल्कि दूसरों की जान भी जोखिम में डाल रहे हैं। शहरवासियों का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस की ढिलाई के कारण ही यह स्थिति बनी हुई है और जब तक सख्त कार्रवाई और वाहनों की जब्ती नहीं होगी, तब तक इस जानलेवा प्रवृत्ति पर अंकुश संभव नहीं है।

इन घटनाओं ने भीलवाड़ा में कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और राजनीतिक जवाबदेही जैसे मुद्दों को एक साथ केंद्र में ला दिया है, जिन पर प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता अब पहले से अधिक महसूस की जा रही है।

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Pratahkal Bureau

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