भीलवाड़ा में पहली बार चातुर्मास करेंगे गुरुदेव पुलकसागर महाराज, कल होगा जिले की पावन धरा पर मंगल प्रवेश
भीलवाड़ा में पहली बार चातुर्मास के लिए गुरुदेव पुलकसागर महाराज का 25 जुलाई को मंगल प्रवेश होगा। कल जिले में प्रवेश से श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है।

तस्वीर में संत पुलकसागरजी महाराज ससंघ भीलवाड़ा में विहार करते हुए सड़क मार्ग पर नजर आ रहे हैं, जिनके साथ बड़ी संख्या में युवा और श्रद्धालु मौजूद हैं।
धर्मनगरी भीलवाड़ा में पहली बार चातुर्मास करने पधार रहे ओजस्वी प्रवचनकार एवं प्रख्यात राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पूज्य गुरुदेव पुलकसागरजी म.सा. बुधवार को चित्तौड़गढ़ जिले से विहार कर भीलवाड़ा जिले की पावन धरा पर प्रवेश करेंगे। 25 जुलाई को प्रस्तावित चातुर्मासिक मंगल प्रवेश का समय नजदीक आने के साथ ही भीलवाड़ावासियों और श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है तथा सभी गुरुदेव के आगमन की आतुरता से प्रतीक्षा कर रहे हैं।
श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मेन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में आयोजित होने वाले चातुर्मास के लिए पूज्य पुलकसागरजी म.सा. का चातुर्मासिक मंगल प्रवेश 25 जुलाई को होगा। चातुर्मास के दौरान धर्म आराधना और भक्ति से ओतप्रोत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि 11 वर्ष की प्रतीक्षा के बाद भीलवाड़ा आ रहे पूज्य गुरुदेव पुलकसागरजी महाराज ससंघ का मंगल विहार मंगलवार शाम चित्तौड़गढ़ जिले के सोनियाना स्थित असाई इंडिया ग्लास फैक्ट्री के पास से हमीरगढ़ हवाई पट्टी के समीप होटल नंद पैलेस तक हुआ। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह 5 बजे गुरुदेव होटल नंद पैलेस से विहार कर हमीरगढ़ के पास कान्याखेड़ी स्थित नितिन स्पिनर्स पहुंचेंगे, जहां मुनियों की आहारचर्या होगी।
उन्होंने बताया कि गुरुदेव के ससंघ विहार में भीलवाड़ा के युवाओं की टीम लगातार सेवा दे रही है। विहार संयोजक रवि चौधरी, अभिषेक पाटोदी, संदीप बाकलीवाल, अनंत जैन और पारस वैद के नेतृत्व में 100 से अधिक युवा विहार व्यवस्था में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
चातुर्मास संयोजक मनीष शाह ने बताया कि गुरुदेव पुलकसागरजी महाराज के भीलवाड़ा चातुर्मासिक प्रवेश पर 25 जुलाई को सर्व समाज की ओर से भव्य राजशाही स्वागत एवं अभिनंदन किया जाएगा। पूज्य गुरुदेव सहित छह संत एवं तीन क्षुल्लिकाओं का चातुर्मास के लिए मंगल प्रवेश शोभायात्रा रामधाम से शाम 4 बजे प्रारंभ होगी। शोभायात्रा रेलवे फाटक, मुरली विलास रोड, स्टेशन चौराहा, गोलप्याऊ, नेताजी सुभाष मार्केट, सिंधुनगर और शास्त्रीनगर मेन सेक्टर स्थित पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर होते हुए सूर्यमहल पहुंचकर संपन्न होगी।
चातुर्मास सह संयोजक लोकेश अजमेरा ने बताया कि 26 जुलाई से प्रतिदिन सुबह 8:30 बजे से 10 बजे तक शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल में चातुर्मासिक प्रवचन होंगे। इसके लिए यहां विशाल वाटरप्रूफ डोम पांडाल तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि चातुर्मास के दौरान 15 से 30 अगस्त तक चित्रकूटधाम में पूज्य पुलकसागरजी म.सा. के सानिध्य में ज्ञान गंगा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इससे पहले 1 अगस्त को चित्रकूटधाम में गुरु गुणानुवाद कार्यक्रम होगा, जबकि 2 अगस्त को चातुर्मासिक मंगल कलश की स्थापना की जाएगी। भीलवाड़ा में पहली बार आयोजित हो रहे इस चातुर्मास को लेकर धार्मिक आयोजन अपने निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार संपन्न होंगे और श्रद्धालुओं में इसे लेकर विशेष उत्साह बना हुआ है।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
