परमात्मा को पाना है तो उसे जानना-समझना होगा, कर्म ही हमारे कर्ता हैं: आचार्य पुलकसागर महाराज
भीलवाड़ा के सूर्यमहल में आचार्य पुलकसागर महाराज ने परमात्मा की प्राप्ति और कर्मों के महत्व पर धर्म संदेश दिया। 14 अगस्त तक प्रवचन और 15 से 30 अगस्त तक चित्रकूटधाम में ज्ञान गंगा महोत्सव आयोजित होगा।

तस्वीर में शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल में आयोजित चातुर्मास कार्यक्रम के दौरान आचार्य पुलकसागर महाराज को शास्त्र भेंट करते हुए श्रद्धालु नजर आ रहे हैं।
भीलवाड़ा, 8 अगस्त। भीलवाड़ा में पहली बार चातुर्मास कर रहे राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पुलकसागरजी महाराज ससंघ के सानिध्य में शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल में चातुर्मास की धर्म साधना निरंतर जारी है। श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से आयोजित चातुर्मास में प्रतिदिन गुरु दर्शन और धर्म संदेश श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। शाम 7 से 8 बजे तक आनंद यात्रा एवं आरती का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें शहर के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु शामिल होकर लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
आचार्य पुलकसागर महाराज ने शनिवार को धर्म संदेश प्रदान करते हुए कहा कि ईश्वर को जाने बिना उसकी प्राप्ति नहीं हो सकती। यदि हम परमात्मा को पाने की अभिलाषा रखते हैं तो उसे जानना और समझना भी पड़ेगा। हमें समझना होगा कि भगवान कौन हैं, कैसे हैं और कैसे बने हैं। जब तक हम यह नहीं जान पाएंगे, तब तक परमात्मा को प्राप्त नहीं कर पाएंगे।
उन्होंने कहा कि हम प्रभु को मानते हैं, मगर उनकी नहीं मानते हैं, इसीलिए दुःख का अंत नहीं हो पाता है। परमात्मा की मानने से ही जीवन में सुखों का आगमन हो पाएगा। उन्होंने कहा कि परमात्मा की छवि को निहारने से भी आत्मीय सुख मिलता है। जैन तीर्थंकर दो मुद्राओं, खड्गासन और पद्मासन, में ही विराजमान मिलेंगे।
आचार्यश्री ने कहा कि भगवान हमारे कर्ता नहीं हैं, बल्कि हमारे कर्म ही हमारे कर्ता हैं। भगवान सारी बातें देखते रहते हैं और किसी से राग-द्वेष नहीं रखते हैं। जो हम कर चुके हैं और कर रहे हैं, भगवान वही देखते हैं। अपने कर्मों से हमें कोई नहीं बचा सकता, इसलिए कभी धर्म के विपरीत कार्य नहीं करने चाहिए।
श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत में दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट का सौभाग्य मंजूदेवी, दिलीप, प्रवीण, नवीन और राहुल चौधरी परिवार ने प्राप्त किया।
चातुर्मास समिति के संयोजक मनीष शाह ने बताया कि सूर्यमहल में आचार्यश्री के सानिध्य में 14 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 8.30 से 10 बजे तक प्रवचन होंगे।
समिति के सह संयोजक लोकेश अजमेरा ने बताया कि चातुर्मास का प्रमुख आकर्षण चित्रकूटधाम में 15 से 30 अगस्त तक सर्व समाज के लिए आयोजित होने वाला ज्ञान गंगा महोत्सव है। इसके लिए व्यापक तैयारियां जारी हैं। महोत्सव में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु आचार्यश्री के मुखारबिंद से प्रवचन सुनने उमड़ेंगे।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
