भीलवाड़ा: चामुंडा माता मंदिर चोरी मामले का खुलासा, 6 आरोपी गिरफ्तार
हमीरगढ़ पुलिस ने 15 महीने पुरानी चोरी की वारदात सुलझाते हुए 260 ग्राम सोना और 3 किलो चांदी बरामद की, वेश बदलकर पकड़े गए आरोपी।

भीलवाड़ा। जिला पुलिस अधीक्षक सागर राणा के आदेशानुसार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) पारस जैन के निर्देशन में हमीरगढ़ थाना पुलिस ने 15 महीने पहले प्रसिद्ध चामुंडा माता मंदिर में हुई बहुचर्चित चोरी का सनसनीखेज खुलासा करते हुए मुख्य सरगना सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन शातिर चोरों के कब्जे से 260 ग्राम सोना और 3 किलोग्राम चांदी के जेवरात बरामद किए हैं। सीओ सदर हरजीराम के सुपरविजन और हमीरगढ़ थानाधिकारी सुनील कुमार बेड़ा के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने 20 दिनों की कड़ी मेहनत और पारंपरिक पुलिसिंग के जरिए इस जटिल मामले को सुलझाया।
चामुंडा माता मंदिर जंगल के पास स्थित होने के कारण घटनास्थल पर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं था और चोरों ने वारदात के दौरान मोबाइल फोन का भी उपयोग नहीं किया था। ऐसी स्थिति में तकनीक के बजाय पुलिस ने पारंपरिक तरीकों को अपनाया। थाने के हेड कांस्टेबल विशम्बर दयाल और टीम ने अपराधियों को पकड़ने के लिए फिल्मी अंदाज में भेष बदले। पुलिस टीम ने संदिग्धों की रेकी करने के लिए कभी लाइनमैन, कभी आइसक्रीम विक्रेता, कभी टेम्पो चालक तो कभी भैंस खरीदार बनकर उनका पीछा किया, जिसके परिणामस्वरुप यह अनूठी रणनीति सफल रही।
उल्लेखनीय है कि 11 फरवरी 2025 को हमीरगढ़ बस स्टैंड निवासी और चामुंडा माता मंदिर के पुजारी पुरण माली पुत्र भैरूलाल माली ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुजारी के अनुसार, 10-11 फरवरी 2025 की रात अज्ञात चोरों ने मंदिर का ताला तोड़कर माताजी की मूर्ति का श्रृंगार, 550 ग्राम सोने के जेवरात, 5 किलो 150 ग्राम चांदी के जेवरात और दानपात्र चुरा लिया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की थी।
पुलिस ने शुरुआत में संदेह के आधार पर ज्ञानदास और घनश्याम को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना देवीलाल रावत उर्फ बद्री सहित चोरी का माल खरीदने वाले जौहरी सागर सोनी को भी गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में ज्ञानदास पिता गोपीदास कामड (26), घनश्याम पुत्र उदयराम नायक (32), राजमल उर्फ राजू कामड पिता गोपीदास कामड (28), मुख्य सरगना देवीलाल रावत उर्फ बद्री पिता कालूसिह रावत (28), रामलाल पिता मदन लाल सालवी (24) और चोरी का माल खरीदने वाला सुनार सागर सोनी पिता पूनमचन्द सोनी (33) शामिल हैं। इस पूरे मामले के खुलासे में थानाधिकारी सुनील कुमार बेड़ा, सहायक उपनिरीक्षक विकास यादव, हेड कांस्टेबल विशम्बर दयाल, हेड कांस्टेबल राहुल शर्मा तथा कांस्टेबल दिनेश कुमार, शांतिलाल और बलवीर सिंह ढाका की भूमिका सराहनीय रही।

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