भीलवाड़ा। नियति का खेल भी कितना क्रूर होता है, इसका अंदाजा शुक्रवार देर रात भीलवाड़ा बाइपास पर हुए उस दर्दनाक हादसे से लगाया जा सकता है, जिसने पल भर में एक हंसते-खेलते परिवार की सारी खुशियां छीन लीं। इस भीषण सड़क दुर्घटना में 22 वर्षीय युवक किशन की जान चली गई और उसके साथ ही उसके बूढ़े माता-पिता के जीने का एकमात्र सहारा भी हमेशा के लिए टूट गया। जवान बेटे की मौत की मनहूस खबर जैसे ही बीलियाखुर्द गांव पहुंची, वहां कोहराम मच गया। माता-पिता की चीख-पुकार और बिलखने से पूरा माहौल गमगीन हो गया।

हादसे का विवरण और पुलिस की कार्रवाई

पुर थाने के सहायक उप निरीक्षक शिवराज सिंह के अनुसार, मांडल से माल खाली कर एक ट्रक रीको एरिया की ओर जा रहा था। रात करीब साढ़े ग्यारह बजे पांसल तालाब के नजदीक अंधेरे में ट्रक आगे चल रहे एक अज्ञात वाहन से जा भिड़ा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक का केबिन बुरी तरह पिचक गया। इस भयानक हादसे में बीलियाखुर्द निवासी चालक पप्पू गाडरी तो चोटिल हुआ, लेकिन केबिन में बैठा खलासी किशन (22) पुत्र मूलचंद उर्फ भैंरूलाल गाडरी गंभीर रूप से घायल हो गया।

अस्पताल में तोड़ा दम और परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

सूचना पर पहुंची पुलिस ने तुरंत दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन क्रूर काल ने किशन को मोहलत नहीं दी और चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद जब जवान बेटे का शव घर पहुंचा, तो बूढ़े माता-पिता बेसुध होकर गिर पड़े। जिन आंखों में बेटे के सिर पर सेहरा सजने के सुनहरे सपने तैर रहे थे, नियति ने उन्हें अपने ही इकलौते लाल की अर्थी उठाने पर मजबूर कर दिया। किशन की इस असमय और दर्दनाक विदाई से पूरे बीलियाखुर्द गांव में सन्नाटा पसर गया है और हर आंख नम है।

Pratahkal Bureau

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