भीलवाड़ा में भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर 11 सूत्रीय मांगों को लेकर विशाल रैली और प्रदर्शन आयोजित किया गया। जिला अध्यक्ष तारा शर्मा एवं प्रदेश मंत्री गोपाल सिंह चौहान के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार के नाम 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। संगठन ने राष्ट्रहित, उद्योगहित एवं श्रमिकहित के त्रिविध मंत्र को अपनी मांगों और आंदोलन का आधार बताया।

कलेक्ट्रेट और शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली रैली में विभिन्न विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, बैंकों, डाक, बीमा, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, संविदा कर्मियों, योजना कर्मियों और असंगठित क्षेत्र के हजारों श्रमिक शामिल हुए। आंगनबाड़ी एवं आशा सहयोगिनी संघ, ग्राम साथिन, विद्युत ठेका कर्मचारी संघ, सफाई कर्मचारी संघ, जलदाय कर्मचारी संघ, रोडवेज फेडरेशन, डेयरी कर्मचारी संघ और खान कर्मचारी संघ सहित विभिन्न संघों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में जिला मंत्री हरीश कुमार सुवालका ने सभी का आभार व्यक्त किया।

भारतीय मजदूर संघ की स्थापना 23 जुलाई 1955 को महान ट्रेड यूनियन नेता स्वर्गीय दत्तोपंत ठेंगड़ी के मार्गदर्शन में हुई थी। संगठन स्थापना के समय से ही राष्ट्रहित, उद्योगहित एवं श्रमिकहित के समन्वय को अपना मूल आधार मानता है। बीएमएस का दृढ़ विश्वास है कि मजबूत राष्ट्र से उद्योग और मजबूत उद्योगों से श्रमिकों के जीवन में समृद्धि आती है। संगठन टकराव की बजाय “रिस्पॉन्सिव कोऑपरेशन” यानी सकारात्मक सहयोग एवं आवश्यक संघर्ष की नीति पर कार्य करता है।

रैली के दौरान श्रमिकों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर अपनी 11 सूत्रीय मांगों को सरकार के समक्ष प्रमुखता से रखा। प्रदर्शनकारियों ने ईएसआईसी के तहत वेतन सीमा ₹21,000 से बढ़ाकर ₹42,000 करने की मांग की, ताकि अधिक से अधिक श्रमिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिल सके। न्यूनतम ईपीएफ पेंशन बढ़ाकर ₹7,500 प्रतिमाह करने तथा उस पर महंगाई राहत (DA) लागू करने की मांग भी उठाई गई।

श्रमिकों ने ईपीएफ वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹30,000 करने, बोनस गणना के लिए अधिकतम वेतन सीमा ₹18,000 निर्धारित करने और बोनस पात्रता की वेतन सीमा बढ़ाकर ₹42,000 करने की मांग रखी। वक्ताओं ने वर्तमान महंगाई को देखते हुए राष्ट्रीय स्तर पर न्यूनतम वेतन ₹30,000 प्रतिमाह निर्धारित किए जाने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान योजना कर्मचारियों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि, संविदा कर्मचारियों के लिए “समान कार्य के लिए समान वेतन” का नियम सुनिश्चित करने तथा श्रम कानूनों में से श्रमिक विरोधी प्रावधानों को पूर्णतः समाप्त करने की मांग भी उठाई गई। बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारियों के समर्थन में पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने और ग्रेच्युटी की अधिकतम कर-मुक्त सीमा ₹20 लाख से बढ़ाकर ₹40 लाख करने की मांग भी प्रमुख रही।

पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि बढ़ती महंगाई, अस्थाई रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के अभाव में श्रमिक वर्ग प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने इन न्यायोचित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो भारतीय मजदूर संघ उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

रैली एवं ज्ञापन के दौरान रजनी शक्तावत, कमलेश कंवर, माया प्रजापत, कमला बैरवा, सीता सोनी, सुशीला जोशी, राधा शर्मा, मीनाक्षी त्रिपाठी, दिनेश भट्ट, संजय शर्मा, राकेश सेन, विजय शंकर, महेश शर्मा, जगदीश माली, राजेश, शंभू तेली, कन्हैया माली, भैरु बैरवा, शैलेन्द्र सिंह, नरेश, लोकेश जोशी, देवेंद्र वैष्णव, सत्यनारायण शर्मा, मान सिंह, कैलाश बलाई, महावीर गुर्जर, अशोक, दिग्गरज सिंह, पंकज शर्मा और राजेश शर्मा सहित अनेकों गणमान्य श्रमिक नेता उपस्थित रहे।

Anshul Toshniwal, Bhilwara

Anshul Toshniwal, Bhilwara

नाम: अंशुल तोषनीवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): सभी प्रकार के समाचार (General Reporting)

अनुभव: 6 माह

परिचय 

अंशुल तोषनीवाल भीलवाड़ा जिले से न्यूज़ वेबसाइट के लिए रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह भीलवाड़ा जिले और उसके अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों की स्थानीय घटनाओं, प्रशासनिक गतिविधियों, क्राइम, राजनीति और जनहित से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

अंशुल तोषनीवाल शैक्षणिक रूप से इंजीनियर (Engineer) हैं। उनकी तकनीकी और विश्लेषणात्मक पृष्ठभूमि उन्हें खबरों को सटीकता से समझने और प्रस्तुत करने में मदद करती है।

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