भीलवाड़ा। भारत विकास परिषद् वीर शिवाजी शाखा के तत्वावधान में सेंट्रल अकैडमी, रामधाम रोड, आजाद नगर में आयोजित सात दिवसीय अभिरुचि शिविर का भव्य और अभूतपूर्व समापन समारोह अत्यंत उत्साह, उल्लास और संवेदनात्मक वातावरण के साथ सम्पन्न हुआ। इस समापन अवसर पर शिविरार्थी बच्चों ने सात दिनों में सीखी गई विभिन्न विधाओं का मंच पर ऐसा शानदार और जीवंत प्रदर्शन किया कि वहां उपस्थित अतिथि और अभिभावक मंत्रमुग्ध हो गए और पूरा परिसर सराहना की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

समारोह की मुख्य अतिथि दीपा सिसोदिया ने उपस्थित बच्चों, युवाओं और अभिभावकों के अंतर्मन को छूते हुए अत्यंत प्रेरणादायक संबोधन दिया। उन्होंने सकारात्मक जीवन जीने का संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य को जीवन की किसी भी विषम परिस्थिति में कभी निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि हर समस्या का समाधान पूरी तरह संभव है और केवल सकारात्मक सोच के साथ निरंतर आगे बढ़ने वाला व्यक्ति ही सफलता के शिखर को प्राप्त करता है। इसी भावुक और वैचारिक क्रांति के बीच उन्होंने सभागार में उपस्थित समस्त बच्चों, युवाओं एवं अभिभावकों को “मैं जीवन में कभी आत्महत्या नहीं करूंगा और न ही किसी को ऐसा करने के लिए प्रेरित करूंगा” की गंभीर एवं ऐतिहासिक सामूहिक शपथ दिलाई, जिससे पूरा सभागार गहरी संवेदनशीलता और नव-ऊर्जा से भर गया।

इस बहुआयामी शिविर की सफलता पर प्रकाश डालते हुए शाखा अध्यक्ष कमलेश बोड़ाना ने बताया कि इस सात दिवसीय आयोजन का मूल उद्देश्य बच्चों और युवाओं की सुप्त प्रतिभाओं को निखारने के साथ-साथ उनमें उच्च संस्कार, सुदृढ़ आत्मविश्वास, अद्वितीय नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक जागरूकता का सर्वांगीण विकास करना था। शिविर के दौरान विषय विशेषज्ञों द्वारा संगीत, ढोलक-तबला, कंप्यूटर डिजाइनिंग, स्केचिंग, पेंटिंग, मेहंदी, पब्लिक स्पीकिंग, डिजिटल मार्केटिंग, डांस, गरबा, स्केटिंग एवं बैडमिंटन सहित अनेक रचनात्मक व खेल विधाओं का कड़ा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

शिविर प्रभारी हीना सारस्वत ने जानकारी दी कि व्यावहारिक कौशल के साथ-साथ बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों से जुड़े अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषयों पर देश के प्रख्यात विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिलवाया गया, जिसने बच्चों के संपूर्ण मानसिक और शारीरिक विकास में एक मील का पत्थर स्थापित किया।

समारोह के अंतिम चरण में सभी संभागियों को उनकी सहभागिता के लिए प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा विभिन्न विधाओं और गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले होनहार बच्चों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों, शास्त्रीय व पाश्चात्य नृत्य, सुरीले संगीत और अन्य अद्वितीय प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमुदाय का मन मोह लिया। कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों ने भारत विकास परिषद् के इस अभिनव और अभूतपूर्व प्रयास की खुले दिल से सराहना करते हुए इसे आधुनिक समाज और युवा पीढ़ी के निर्माण के लिए अत्यंत उपयोगी और अनुकरणीय बताया।

इस गरिमामयी और भव्य समापन समारोह में नितिन अग्रवाल, जुगल सोमानी, सुभाष मोटवानी, उमेश शर्मा, योगेश मित्तल, देवानंद फूलवानी, पुष्पेंद्र बंसल, शिव खुमका, डॉ. महेश अग्रवाल, कमलेश सोमानी, बद्री विशाल नंदवाना, धर्मेंद्र राठी, अशोक राठी, महेश सोमानी, दिनेश सोनी, पुनीत भूतड़ा, दशरथ भारद्वाज, हुकुम सिंह पथरिया, विनीत नंदवाना, माया फूलवानी, सुनीता पथरिया, ऋतु शर्मा, आशा बंसल, कुसुमलता राठी, श्वेता माहेश्वरी, शीला कोठारी, हरीश अग्रवाल सहित भारत विकास परिषद के बड़ी संख्या में वरिष्ठ सदस्य, गणमान्य नागरिक, प्रबुद्ध अभिभावक और सैकड़ों बच्चे उपस्थित रहे।

Pratahkal Newsroom

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