भीलवाड़ा: भागवत कथा में बोले गौवत्स राधाकृष्ण महाराज, आचरण में उतारें ज्ञान
भीलवाड़ा के नौगांवा में आयोजित भागवत समरसता महोत्सव के पांचवें दिन गौवत्स राधाकृष्ण महाराज ने मानसिक अवसाद दूर करने और सात्विक जीवन जीने का मार्ग बताया।

भीलवाड़ा के नौगांवा में आयोजित भागवत समरसता महोत्सव के दौरान व्यास पीठ से श्रद्धालुओं को संबोधित करते गौवत्स राधाकृष्ण महाराज।
भीलवाड़ा, 31 मार्च। परम पूज्य माधव गो विज्ञान अनुसंधान संस्थान एवं श्री सांवरिया सेठ मंदिर ट्रस्ट नौगांवा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 'भागवत समरसता महोत्सव' अपने चरम पर है। महोत्सव के पांचवें दिन मंगलवार को श्रद्धा और भक्ति का ऐसा अनूठा संगम देखने को मिला, मानो समूचा क्षेत्र ही गोकुलधाम बन गया हो। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष कथा श्रृंखला में परम पूज्य गौवत्स राधाकृष्ण महाराज ने नंदोत्सव सहित विभिन्न प्रसंगों पर अपने ओजस्वी और मर्मस्पर्शी प्रवचनों से हजारों श्रद्धालुओं को जीवन जीने की नई राह दिखाई।
ज्ञान जब आचरण में उतरे, तभी होगा वास्तविक कल्याण
महाराज श्री ने वर्तमान जीवनशैली पर प्रहार करते हुए कहा कि आज का मनुष्य ज्ञान तो बहुत रखता है, लेकिन उसका आचरण शून्य है। उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि "जिस प्रकार बीमार व्यक्ति की जेब में रखी दवा उसे तब तक लाभ नहीं पहुँचाती जब तक वह उसे ग्रहण न करे, ठीक उसी प्रकार केवल धर्मग्रंथों को याद रखने से जीवन का कल्याण नहीं होता। ज्ञान को आचरण में उतारना ही असली स्वास्थ्य लाभ है।"
प्रभातफेरी में उमड़ा जनसैलाब और भक्ति की गंगा
मंगलवार सुबह दूधाधारी मंदिर से विशाल प्रभातफेरी निकाली गई। महाराज श्री ने इसकी भव्यता का वर्णन करते हुए कहा कि गलियों से गुजरते वक्त ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो हर गली से साक्षात गंगा मैया निकल रही हों। उन्होंने इस आध्यात्मिक पदयात्रा को 'गिरिराज तीर्थ यात्रा' के समान पुण्य फलदायी बताया। उन्होंने भावविभोर होकर कहा कि "मेरे सांवरिया सेठ का असली ठिकाना भक्तों के हृदय और वृंदावन की कुंज गलियों में है जहाँ अनन्य प्रेम बसता है।"
सोशल मीडिया के दिखावे और सुख की परिभाषा पर कटाक्ष
महाराज श्री ने चुटीले अंदाज में वर्तमान पीढ़ी को आईना दिखाते हुए कहा कि "आजकल लोग सोशल मीडिया पर संतों के विचारों के 'स्टेटस' तो बहुत लगाते हैं, लेकिन उन विचारों को अपने जीवन का 'स्टेटस' नहीं बना पाते।" उन्होंने युवाओं और प्रबुद्ध जनों से आह्वान किया कि दूसरों को ज्ञान दिखाने के बजाय, उस सत्य को स्वयं के भीतर उतारें। सुख की व्याख्या करते हुए उन्होंने समझाया कि सुख सुविधाओं में नहीं, संतोष में है। महाराज श्री के अनुसार बारिश के मौसम में घर की छत पर बैठकर पकौड़े खाने का जो सात्विक आनंद है, वह बंद कमरे के एयर कंडीशनर में कभी प्राप्त नहीं हो सकता, क्योंकि सहजता ही सबसे बड़ा सुख है।
युवा गोष्ठी, समरसता संदेश और विभिन्न समाजों का जुड़ाव
बीती शाम रामसनेही वाटिका में आयोजित 'युवा गोष्ठी' में महाराज श्री ने युवाओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया। उन्होंने अपनी मातृभाषा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि "जड़ों की भाषा ही हृदय तक पहुँचती है।" इस अवसर पर उन्होंने भगवान महावीर जन्मोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए अहिंसा और अपरिग्रह का संदेश दिया। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष गोविंद प्रसाद सोडाणी ने बताया कि मंगलवार को कथा पंडाल में समाज के हर वर्ग की उपस्थिति रही। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव, ताराचंद गोयल कोटा, कृष्ण मुरारी चतुर्वेदी, तिलोक चंद छाबड़ा, उमाशंकर मूंदड़ा जयपुर, प्रकाश छाबड़ा, हेमंत लाम्बा, विजय गोढवाल, योगेश लढ़ा, पल्लवी लढ़ा, शंभूलाल काबरा, राधेश्याम अग्रवाल, अशोक बाहेती, रवि जाजू, गिरिश अग्रवाल, केदारमल गगरानी, सुरेश पोद्दार, आयुष मानसिंहका, रेनू मानसिंहका, पारसमल बोहरा, मंजू पोखरना, रतन लाल मेहता, सीए शिव झंवर, प्रदीप हिम्मतरामका, दिपेश खण्डेलवाल, के.जी. सोनी सहित वाल्मीकि, तेली, गाडुलिया, माहेश्वरी, योगी, शर्मा, सेन, जीनगर और बैरवा समाज के प्रतिनिधियों ने महाराज श्री का पूजन कर आशीर्वाद लिया।
घर-घर के सहयोग से समरसता भोज और महोत्सव का समापन
संस्थान के अध्यक्ष डी.पी. अग्रवाल एवं कथा संयोजक मनीष बहेडिया ने बताया कि मंगलवार को आयोजित समरसता भोज को लेकर सैकड़ो श्रद्धालु अपने घर से लापसी और अन्य सामग्री लाए, जिससे यह आयोजन सामुदायिक एकता का प्रतीक बन गया। मंगलवार शाम अक्षत अग्रवाल एंड पार्टी की ओर से 108 बार हनुमान चालीसा का पाठ कोठारी पैलेस पुर में किया गया। आगामी गुरुवार को सुदामा चरित्र की कथा के साथ इस भव्य महोत्सव का समापन होगा। वर्तमान में कथा का संचालन पंडित अशोक व्यास कर रहे हैं और श्रद्धालुओं को कथा स्थल तक पहुँचाने के लिए प्रतिदिन राम धाम से सुबह 11 बजे बसें लगाई जा रही हैं। इसके अतिरिक्त रसायन शाला में लगाई गई विशेष प्रदर्शनी को देखने के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
