भीलवाड़ा - 23 मार्च, 2026

स्थानीय मानसिंहका धर्मशाला में आज महान क्रांतिकारी शहीद-ए-आजम भगत सिंह के शहादत दिवस पर एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने भगत सिंह के जीवन और उनके क्रांतिकारी विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। यह सभा जगदीश मानसिंहका के सानिध्य में संपन्न हुई, जबकि इसकी अध्यक्षता सीताराम जी खोईवाल द्वारा की गई।

वर्तमान परिदृश्य और संवैधानिक चुनौतियां

विचार गोष्ठी के दौरान प्रहलाद राम व्यास, का. कैलाश गहलोत, का. ओमप्रकाश शर्मा और सत्यनारायण शर्मा ने वर्तमान परिदृश्य पर गहरी चिंता व्यक्त की। वक्ताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि "आज के दौर में शहीद भगत सिंह की विरासत से मिला संविधान और लोकतंत्र चुनौतियों से घिरा है।" उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि विधायिका, कार्यपालिका और मीडिया के गिरते स्तर के बीच न्यायपालिका की भूमिका पर भी खतरा मंडरा रहा है।

काव्यमय श्रद्धांजलि और क्रांतिकारी संकल्प

शहीद भगत सिंह की शहादत को नमन करते हुए श्यामसुन्दर तिवाड़ी, मनोहर लाल कुमावत, नरेन्द्र वर्मा एवं रामनिवास रोनीराज ने जोश से भरी क्रांतिकारी कविताओं का पाठ किया। इस गोष्ठी में रोडवेज कर्मचारी संघ के साथी जमील खां, भवानी सिंह और रतन लाल खटीक ने भी सक्रिय रूप से अपने विचार साझा किए।

आयोजन का समापन

सभा का कुशल संचालन का. मोहम्मद हुसैन कुरैशी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं का स्पष्ट मत था कि शहीद भगत सिंह के क्रांतिकारी विचारों को अपनाकर ही देश के लोकतंत्र को सुरक्षित रखा जा सकता है।

Pratahkal Bureau

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