राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के बड़लियास क्षेत्र में मंगलवार को आगजनी की तीन अलग-अलग हृदयविदारक घटनाओं ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बीच अचानक भड़की इस आग ने खेतों की बाड़ों और पशुओं के चारे को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे भारी विनाश हुआ। हालांकि, दमकल विभाग की तत्परता और ग्रामीणों की सूझबूझ से समय रहते विकराल होती लपटों पर काबू पा लिया गया, जिसके परिणामस्वरूप एक बड़ा हादसा होने से टल गया।

विनाशकारी आगजनी की पहली घटना भवानीपुरा में घटित हुई, जहाँ सहायक उप निरीक्षक गोपाल लाल के अनुसार भवानीपुरा निवासी रामेश्वर पुत्र भवानीनाथ के खेत पर स्थित एक झोपड़ी में भारी मात्रा में खाखला (चारा) संग्रहित था। मंगलवार दोपहर अज्ञात कारणों से लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। सूचना मिलते ही माण्डलगढ़ से दमकल की गाड़ी मौके पर पहुँची और स्थानीय टैंकरों की सहायता से ग्रामीणों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया, किंतु तब तक झोपड़ी और उसमें रखा समस्त चारा जलकर पूरी तरह राख हो चुका था।

आगजनी की दूसरी और तीसरी घटना चौधरिया व धाकड़ों का खेड़ा गांवों में दर्ज की गई, जहाँ खेतों की बाड़ में लगी आग ने भयानक रूप ले लिया। धाकड़ों का खेड़ा में आग का वेग इतना तीव्र था कि लपटें पास ही स्थित सरकारी स्कूल के परिसर तक जा पहुँचीं, जिससे स्कूल में लगे पेड़-पौधे बुरी तरह झुलस गए। विद्यालय परिसर की ओर बढ़ती आग को देख स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों में अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त हो गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए बड़लियास थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से पानी की बौछारें डालकर तथा गीली झाड़ियों की मदद से आग के प्रसार को रोका। यद्यपि इन घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई, किंतु पीड़ित किसानों को गंभीर आर्थिक क्षति पहुँची है। आग की इन घटनाओं ने क्षेत्र में गर्मी के मौसम में अग्नि सुरक्षा के प्रति गहरी चिंता उत्पन्न कर दी है।

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