भीलवाड़ा के कलाकारों का जलवा: 25वें राज्य स्तरीय कला मेले में प्रदर्शित हुईं 160 कृतियां
जयपुर के जवाहर कला केंद्र में आयोजित प्रदर्शनी में आकृति कला संस्थान के 18 कलाकारों ने बिखेरी चमक, राजस्थान के 800 से अधिक शिल्पकारों की कृतियां शामिल।

जयपुर के जवाहर कला केंद्र में आयोजित 25वें राज्य स्तरीय कला मेले में भीलवाड़ा के आकृति कला संस्थान के कलाकारों द्वारा प्रदर्शित विभिन्न कलाकृतियों का अवलोकन करते कला प्रेमी।
भीलवाड़ा के कलाकारों का जादू: 25वें राज्य स्तरीय कला मेले में 18 कलाकारों की 160 कृतियों ने बिखेरी चमक
जयपुर के जवाहर कला केंद्र में आयोजित हो रहे 25वें कला मेले में भीलवाड़ा के कलाकारों की कला आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। स्थानीय आकृति कला संस्थान भीलवाड़ा द्वारा राजस्थान ललित कला अकादमी, कला साहित्य संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 19 से 21 मार्च तक आयोजित इस 25वें राज्य स्तरीय कला मेले में भीलवाड़ा के वरिष्ठ एवं युवा कलाकारों की कृतियां कला प्रेमियों को निरंतर आकर्षित कर रही हैं।
राजस्थान के 800 कलाकारों के बीच भीलवाड़ा की विशेष उपस्थिति
इस वृहद आयोजन की जानकारी देते हुए आकृति कला संस्थान के सचिव कैलाश पलिया ने बताया कि "इस कला मेले में पूरे राजस्थान के 800 से अधिक कलाकारों की कृतियां प्रदर्शित हैं।" भीलवाड़ा के 18 कलाकारों की 160 कलाकृतियां यहाँ प्रदर्शित की गई हैं, जो अपनी विविधता और मौलिकता के कारण दर्शकों को लुभा रही हैं। मेले में भीलवाड़ा के वरिष्ठ मूर्तिकार गोवर्धन सिंह पंवार की विशेष कृति 'मोहब्बत की दुकान' चर्चा का विषय बनी हुई है।
वरिष्ठ एवं युवा कलाकारों की विविध कला विधाएं
प्रदर्शनी में मंजू मिश्रा के सूक्ष्म रेखाचित्र, गीतांजलि वर्मा की 'अभिज्ञान शाकुंतलम' पर आधारित कला, और कपिल खन्ना के अमूर्त चित्रण को विशेष स्थान मिला है। साथ ही डॉ. हेमंता मीना, नेहा सोनी और मनीषा तंबोली के बेहतरीन वुडकट प्रिंट्स दर्शकों को प्रभावित कर रहे हैं। गोपाल दास वैष्णव के चारकोल कार्य, इकबाल हुसैन की 'बूंदी हेरिटेज' की झलक और रानी के डिजिटल प्रिंट भी प्रदर्शित हैं। संस्थान के सचिव कैलाश पलिया द्वारा रचित 'प्रकृति और प्रेम में नारी सौंदर्य' के साथ-साथ प्रकृति की सुंदर कृतियां दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
बाल कलाकार की प्रतिभा और आधुनिक प्रयोग
मेले में बाल कलाकार भूवि केसवानी के बाल मन की रंगीन कृतियों की छटा पूरे कला मेले को रंगीन बना रही है। इसके अलावा ज्योति पारीक द्वारा एक्रेलिक माध्यम में निर्मित 'पंचतत्व', अनुष्का पाराशर के सधे हुए रेखाचित्र और अन्नु प्रजापत के अमूर्त रेखा चित्रों में झलकता 'प्रकृति दर्शन' कला जगत की बारीकियों को दर्शाता है। शांतिलाल गाडरी द्वारा चारकोल माध्यम में तैयार की गई 'मूड ऑफ आर्टिस्ट' श्रृंखला दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
